बीजापुर (ईएमएस)। जिले के उसूर विकासखंड अंतर्गत नारसापुर गांव के फड़ मुंशी की लापरवाही के कारण लगभग 70 परिवारों को तेंदूपत्ता तोड़ने नहीं दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि फड़ मुंशी ने अधिक काम होने तथा अपने ट्रैक्टर को रेती और मिट्टी ढुलाई जैसे निजी कार्यों में लगाए रखने का हवाला देकर पत्ता तुड़ाई बंद करा दी। इसके चलते बड़ी मात्रा में पत्ता जंगल में ही खराब होने की आशंका बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि दो वर्षों बाद जिले में तेंदूपत्ता संग्रहण शुरू होने से उनके चेहरे पर खुशी लौटी थी और उन्हें रोजगार व अतिरिक्त आय की उम्मीद जगी थी, लेकिन प्रबंधक एवं फड़ मुंशी की लापरवाही ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। पत्ता नहीं टूटने से कई परिवारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। नारसापुर के ग्रामीणों ने मीडिया के माध्यम से प्रशासन और संबंधित विभाग से तत्काल हस्तक्षेप कर तेंदूपत्ता तुड़ाई शुरू कराने की मांग की है, ताकि ग्रामीणों को रोजगार और उनकी मेहनत का उचित लाभ मिल सके। सुधीर जैन/चंद्राकर/13 मई 2026