राज्य
13-May-2026


- मैदान में मिलने वाली जॉच और ऑपरेशनल जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से निभा सकेगें - ज्यूरिसडिक्शन, सीन ऑफ ए क्राइम और टाइमलाइन जैसे बिंदुओ में मिलेगी मदद भोपाल(ईएमएस)। जीआरपी की मैदानी चुनौतियो अलग-अलग तरह की होती है। यहां अपराध एक जिले में होता है, लेकिन कई बार उसकी जानकारी दूसरे जिले में जाकर मिलती है। ऐसे मामलों में जॉच अधिकारी के लिये घटनास्थल, अपराध की टाइमलाइन व अधिकार क्षेत्र तय करना चुनौतीपूर्ण होता है। गवर्नमेंट रेलवे पुलिस (जीआरपी) ऐसे बिंदुओ पर जवानो को फील्ड में तैनाती से पहले उनका वर्किंग कॉन्सेप्ट स्पष्ट करने के लिये अब जिला पुलिस से आने वाले पुलिसकर्मियों को फील्ड में तैनात करने से पहले 15 दिन का स्पेशल ओरिएंटेशन कोर्स करायेगा। यह कोर्स जीआरपी मुख्यालय श्यामलाहिल्स में होगा। कोर्स पूरा करने के बाद ही संबंधित को फील्ड ड्यूटी संभालने की अनुमति दी जाएगी। अधिाकरियो का कहना है की इस ट्रेनिंग से पुलिसकर्मियों का वर्किंग कॉन्सेप्ट शुरू से स्पष्ट रहेगा। इससे उन्हें भविष्य में मिलने वाली विवेचना और ऑपरेशनल जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से निभाने में आसानी होगी। रेलवे पुलिसिंग सामान्य थानों से अलग होती है, क्योंकि यहां लगातार मूवमेंट, अलग-अलग जिलों का समन्वय और सीमित समय में कार्रवाई जैसी चुनौतियां रहती हैं। ऐसे में स्पेशलाइज्ड ट्रेनिंग जरूरी हो गई थी। गौरतलब है की जीआरपी का काम लगातार मूवमेंट वाली ट्रेनों और स्टेशनों पर होता है, इसमें अपराध एक जिले में और शिकायत दूसरे जिले में दर्ज हो सकती है। और रेलवे एक्ट और रेलवे सुरक्षा प्रोटोकॉल की अलग समझ जरूरी होती है। कोर्स में रेलवे पुलिसिंग की बेसिक संरचना, ट्रेन व स्टेशन आधारित अपराध की विवेचना, मल्टी-डिस्ट्रिक्ट केस हैंडलिंग, यात्री सुरक्षा और ट्रेन एस्कॉर्ट ड्यूटी, क्यूआरटी ऑपरेशन और फील्ड रिस्पॉन्स जैसे बिंदुओ से संबधित ट्रैनिंग दी जायेगी। अफसरों का कहना है कि कोर्स के दौरान स्टाफ को इनडोर और आउटडोर ट्रेनिंग दी जाएगी। जुनेद / 13 मई