क्षेत्रीय
13-May-2026
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- जनगणना 2027 व विकास कार्यों में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई मधुबनी, (ईएमएस)। सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, जनहित कार्यों एवं बिहार जनगणना 2027 की तैयारियों में लापरवाही बरतने वाले पंचायत सचिवों पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने जिले के 118 पंचायत सचिवों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई लगातार अनुपस्थित रहने, सरकारी आदेशों की अवहेलना करने तथा विकास कार्यों में शिथिलता बरतने के आरोप में बिहार सरकारी सेवक वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील नियमावली 2005 के तहत की गई है। जिलाधिकारी ने कहा कि पंचायत सचिव ग्रामीण प्रशासन की रीढ़ होते हैं और सरकार की अधिकांश जनकल्याणकारी योजनाओं का संचालन पंचायत स्तर पर इन्हीं के माध्यम से होता है। जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र निर्गत करने, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के संचालन, मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना, पंचायत स्तरीय विकास कार्यों की निगरानी तथा राजस्व एवं लोक सेवा से जुड़े कार्यों में पंचायत सचिवों की अहम भूमिका रहती है। इसके अलावा बिहार जनगणना 2027 जैसे महत्वपूर्ण कार्य की सफलता भी पंचायत स्तर की सक्रिय प्रशासनिक व्यवस्था पर निर्भर करती है। प्रशासन की ओर से बताया गया कि संबंधित पंचायत सचिवों को पूर्व में कई बार कार्यालय आदेश एवं पत्राचार के माध्यम से सात दिनों के भीतर अपने कार्यस्थल पर उपस्थित होकर लंबित कार्यों के निष्पादन का निर्देश दिया गया था। इसके बावजूद कई पंचायत सचिव लगातार अनुपस्थित रहे और सरकारी आदेशों की अनदेखी करते रहे। इसके बाद पंचायती राज विभाग, बिहार, पटना से प्राप्त निर्देशों एवं प्रतिवेदनों के आधार पर यह कार्रवाई की गई। डीएम आनंद शर्मा ने स्पष्ट कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही, उदासीनता अथवा गैर-जिम्मेदाराना रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने दायित्वों का निर्वहन जवाबदेही, अनुशासन और संवेदनशीलता के साथ करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य केवल दंडात्मक कार्रवाई करना नहीं, बल्कि सरकारी कार्यसंस्कृति में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनसेवा की भावना को मजबूत करना है। ईमानदारी एवं समर्पण के साथ कार्य करने वाले कर्मियों को प्रशासन का पूरा सहयोग मिलेगा, जबकि जनहित और विकास कार्यों में बाधा डालने वालों पर कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि बिहार जनगणना 2027 राज्य और राष्ट्रहित से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य है तथा इसके सफल संचालन में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। निलंबन अवधि में संबंधित पंचायत सचिवों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा तथा उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई भी प्रारंभ की जा रही है। कार्तिक कुमार/संतोष झा- १३ मई/२०२६/ईएमएस