राष्ट्रीय
14-May-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। हाल ही में आयुष मंत्रालय ने भुजंगासन को लेकर जरूरी सुझाव दिए हैं और बताया है कि यह आसन कमर, पीठ और कंधों को मजबूत बनाने में बेहद लाभकारी है। साथ ही गलत तरीके से करने पर यह शरीर को नुकसान भी पहुंचा सकता है। भुजंगासन को कोबरा पोज भी कहा जाता है, क्योंकि इस मुद्रा में शरीर का ऊपरी हिस्सा सांप के फन की तरह ऊपर उठता है, जबकि निचला हिस्सा जमीन से जुड़ा रहता है। आयुष मंत्रालय के अनुसार कई लोग इस आसन को करते समय छोटी लेकिन महत्वपूर्ण गलतियां कर देते हैं, जिससे कमर, गर्दन और कंधों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। विशेषज्ञों के मुताबिक भुजंगासन करते समय कोहनियों को बाहर फैलाना, कंधों को कानों की तरफ चढ़ा लेना, कमर को जरूरत से ज्यादा मोड़ना, नितंबों को अत्यधिक कसना और एड़ियों को बाहर की ओर फैलाना आम गलतियां हैं। ऐसी स्थिति में मांसपेशियों पर गलत दबाव पड़ता है और चोट लगने या पुरानी समस्या बढ़ने का खतरा पैदा हो सकता है। आयुष मंत्रालय ने भुजंगासन करने का सही तरीका भी बताया है। इसके लिए सबसे पहले पेट के बल सीधा लेटना चाहिए। पैरों को पीछे की ओर सीधा रखें और हथेलियों को छाती के दोनों तरफ जमीन पर टिकाएं। इसके बाद सांस अंदर लेते हुए धीरे-धीरे सिर, गर्दन और छाती को ऊपर उठाना चाहिए। इस दौरान गर्दन और रीढ़ की हड्डी एक सीध में होनी चाहिए तथा नजर सामने की ओर रखनी चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि कंधों को नीचे और पीछे की ओर रखना चाहिए ताकि वे कानों से दूर रहें। कोहनियां शरीर के करीब रहें और हथेलियां छाती के पास टिकी हों। वहीं जांघ, घुटने और पैर जमीन से जुड़े रहने चाहिए। आसन करते समय सांस सामान्य बनाए रखना जरूरी है। शुरुआती लोग इस मुद्रा में 10 से 15 सेकंड तक रह सकते हैं और धीरे-धीरे अभ्यास के साथ समय बढ़ा सकते हैं। सही तरीके से भुजंगासन करने से कमर मजबूत होती है, पीठ की मांसपेशियों में लचीलापन आता है, पाचन तंत्र बेहतर होता है और शरीर की मुद्रा सुधरती है। यह आसन खासतौर पर उन लोगों के लिए लाभकारी माना जाता है जो लंबे समय तक बैठकर काम करते हैं। आयुष मंत्रालय ने सलाह दी है कि जिन लोगों को कमर, गर्दन या कलाई में दर्द की समस्या हो, वे यह आसन सावधानी से करें। गर्भवती महिलाओं को डॉक्टर की सलाह के बाद ही इसका अभ्यास करना चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि योग का पूरा लाभ तभी मिलता है जब उसे सही तकनीक और शरीर की क्षमता के अनुसार किया जाए। मालूम हो कि विश्व योग दिवस नजदीक आने के साथ ही लोगों में योग और योगासनों को लेकर जागरूकता तेजी से बढ़ रही है। इसी क्रम में आयुष मंत्रालय लगातार विभिन्न योगासनों के सही अभ्यास और उनके फायदों की जानकारी साझा कर रहा है। सुदामा/ईएमएस 14 मई 2026