- सीएमएचओ डॉ. हासानी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू, हाइकोर्ट में बदल बदल कर दिए बयान इन्दौर (ईएमएस) मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव हासानी के खिलाफ शहर में फर्जी बिल्डिंग परमिशन और अन्य दस्तावेज से संचालित हो रहे अस्पतालों के मामले में विभागीय जांच शुरू हो गई है। जांच डॉ. सोनिया शिल्पा लाल, उपसंचालक, स्वास्थ्य सेवाएं इंदौर के नेतृत्व में की जा रही है। बता दें कि सीएमएचओ डॉ माधव हासानी के खिलाफ आरोप लगाया गया है कि वे अपने सहयोगी शिवेंद्र अवस्थी के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार करने में मदद कर और इन्हीं दस्तावेज से अवैध अस्पतालों को संचालन की अनुमति दे रहे हैं। उन पर इसके लिए रिश्वत लेने के आरोप भी लगाए गए थे और लेन-देन से जुड़े मामलों की चेटिंग सामने आने के बाद इसकी शिकायत भी की गई थी। वहीं शहर में 30 से ज्यादा अस्पताल फर्जी बिल्डिंग परमिशन और अन्य दस्तावेज से संचालित होने के मामले में दायर जान याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है, जिसमें डॉ. हासानी ने ही जांच कर विभाग की ओर से हाईकोर्ट में जवाब पेश किया था। मामले में सुनवाई दौरान कोर्ट में पेश होकर डॉ. हासानी ने पहले तो कहा था कि जांच के लिए कमेटी बना दी है। फिर अगली सुनवाई में उन्होंने कोर्ट को बताया कि जांच समिति की रिपोर्ट सही नहीं थी, इसलिए वे खुद जांच कर रहे हैं। इसके बाद उन्होंने बीते दिनों जांच रिपोर्ट कोर्ट के सामने पेश की थी, जिसमें अस्पतालों को नियमानुसार व उनके दस्तावेज को सही बताया। वहीं मामले में निगम से भी कोर्ट ने जवाब मांगा था। जिस पर निगम की ओर से अस्पतालों को इजाजत नहीं होने या आवासीय अनुमति पर बनी विल्डिंग में ही संचालित होना बताया था। इसके विपरीत स्वास्थ्य विभाग की ओर से सीएमएचओ डॉ माधव हासानी ने इन अस्पतालों की बिल्डिंग नियमानुसार अनुमति होने की बात कही थी। आनंद पुरोहित/ 14 मई 2026