राष्ट्रीय
14-May-2026
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नई दिल्ली,(ईएमएस)। दुनिया के दो सबसे शक्तिशाली देशों, अमेरिका और चीन ने वैश्विक व्यापार के सबसे महत्वपूर्ण मार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर एक बड़ी सहमति व्यक्त की है। अमेरिकी जानकारी के अनुसार, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच हुई उच्च स्तरीय बातचीत में यह तय हुआ है कि इस जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर किसी भी देश को अतिरिक्त शुल्क या टोल लगाने की अनुमति नहीं होनी चाहिए। यह चर्चा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की बीजिंग में होने वाली शिखर बैठक से ठीक पहले हुई है, जो वैश्विक आर्थिक स्थिरता के लिहाज से काफी अहम मानी जा रही है। इसी बीच, कूटनीतिक मोर्चे पर एक और बड़ी खबर आई है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने संकेत दिए हैं कि ईरान के साथ युद्ध को विराम देने की दिशा में जारी बातचीत में सकारात्मक प्रगति हो रही है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रपति ट्रंप चीन की राजकीय यात्रा पर हैं। दूसरी ओर, भारत की राजधानी दिल्ली में ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक हो रही है, जिसमें हिस्सा लेने के लिए ईरानी विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अरागची भी पहुंचे हुए हैं। मध्य-पूर्व की स्थिति पर नजर डालें तो वहां मानवीय और तकनीकी संकट गहराया हुआ है। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा शुरू किए गए हमलों के बाद से ईरान में इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह ठप थीं। हालांकि, अब कुछ क्षेत्रों में इसे आंशिक रूप से बहाल किया गया है, लेकिन आम जनता और ऑनलाइन कारोबार से जुड़े लोग अब भी भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। कूटनीतिक दांव-पेच के बीच इजरायल और संयुक्त अरब अमीरात के रिश्तों को लेकर भी विरोधाभास सामने आया है। बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने यूएई की एक ऐतिहासिक यात्रा का दावा किया, जिसे यूएई के विदेश मंत्रालय ने सिरे से खारिज कर दिया। इस पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए चेतावनी दी है कि इजरायल के साथ किसी भी तरह का सहयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं, लेबनान में हिंसा का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। इजरायली हमलों में अब तक 2800 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव चरम पर है। वीरेंद्र/ईएमएस/14मई 2026