14-May-2026
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नई दिल्ली,(ईएमएस)। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची दो-दिवसीय ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने के लिए नई दिल्ली पहुंचे हैं। उनकी यह तीन-दिवसीय यात्रा सिर्फ कूटनीतिक रूप से ही नहीं, बल्कि उनके विमान मिनाब168 के नाम को लेकर चर्चा में है। यह नाम ईरान के एक गहरे ज़ख्म का प्रतीक है, जो ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध के दौरान मिनाब के एक स्कूल पर हुए मिसाइल हमले की याद दिलाता है। इस हमले में 168 स्कूली छात्राओं की मौत हुई थी। इस प्रतीकात्मक विमान से यात्रा कर, ईरान ने वैश्विक मंच पर युद्ध की विभीषिका और दर्दनाक परिणामों का संदेश देने का प्रयास किया है। यह दो महीने से जारी भीषण युद्ध के बाद तेहरान की ओर से पहला उच्च-स्तरीय अंतरराष्ट्रीय राजनयिक संपर्क है। 14 और 15 मई को होने वाली बैठक की अध्यक्षता विदेश मंत्री एस. जयशंकर कर रहे है। अराघची अपने भारतीय समकक्ष जयशंकर के साथ द्विपक्षीय चर्चा भी करने वाले है। जिसमें ईरान, अमेरिका और इज़रायल के बीच जारी संघर्ष से उत्पन्न बढ़ते तनाव मुख्य एजेंडा होने की संभावना है। दोनों नेताओं ने पहले भी पश्चिम एशिया की चल रही उथल-पुथल पर कम से कम चार उच्च-स्तरीय चर्चाएं की हैं, जहाँ अराघची ने अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की रक्षा के लिए ब्रिक्स सहयोग और तेहरान के आत्मरक्षा के वैध अधिकार पर जोर दिया था। आशीष दुबे / 14 मई 2026