क्षेत्रीय
14-May-2026
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शाजापुर (ईएमएस)। नाबालिग के साथ ज्यादती कर उसे गर्भवती करने वाले आरोपी को अदालत ने उम्रकैद की सजा और अर्थदंड से दंडित किया है। शाजापुर के विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ने गुरुवार को एक अहम और कड़ा फैसला सुनाया है। सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी एवं जिला मीडिया सेल प्रभारी प्रतीक श्रीवास्तव ने बताया कि अदालत ने शुजालपुर मंडी के उण्डई निवासी 21 वर्षीय मनीष पिता शिवनारायण राजपूत को घिनौने कृत्य का दोषी पाया है। अभियोजन के अनुसार, पीडि़ता ने 11 जून 2024 को शिकायत दर्ज कराई थी। घटना शिकायत से करीब चार महीने पुरानी थी। पीडि़ता मंदिर गई थी, जहां परिसर में किराए से रहने वाले मनीष राजपूत ने उससे बातचीत शुरू की और मंदिर के काम का झांसा देकर उसे अपने कमरे में ले गया। वहां उसने नाबालिग को बंधक बनाया और उसके साथ दुष्कर्म किया। मुंह खोलने पर उसे तथा उसके माता-पिता को जान से मारने की खौफनाक धमकी दी। इस धमकी से डरी-सहमी पीडि़ता ने घर में किसी को कुछ नहीं बताया। इसी खामोशी का फायदा उठाकर तीन-चार दिन बाद मनीष ने उसे फिर डराकर कमरे में बुलाया और दोबारा ज्यादती की, जिसके परिणामस्वरूप वह गर्भवती हो गई। पेट दर्द से सामने आया सच, नवजात की मौत यह दरिंदगी काफी समय तक छुपी रही, लेकिन जब पीडि़ता को तेज पेट दर्द हुआ, तब उसने तड़पते हुए अपनी मां को पूरी आपबीती बताई। इसके बाद पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस द्वारा कराई गई सोनोग्राफी में पीडि़ता 25 सप्ताह की गर्भवती पाई गई। गर्भ का समय अधिक होने के चलते अदालत की अनुमति से डिलीवरी कराई गई, लेकिन नवजात शिशु की अत्यधिक कमजोरी के कारण जन्म के बाद ही मृत्यु हो गई। इस अत्यंत संवेदनशील मामले की विवेचना उपनिरीक्षक ललिता ठाकुर और एसडीओपी पिंटू सिंह बघेल ने पुलिस अधीक्षक तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शाजापुर के निर्देशन में पूरी कर अदालत में चार्जशीट पेश की। न्यायालय में अभियोजन की ओर से सहायक निदेशक अभियोजन प्रदीप भटेले एवं अतिरिक्त जिला लोक अभियोजन अधिकारी रमेश सोलंकी ने मजबूती से पैरवी करते हुए साक्ष्य और तर्क रखे। अदालत ने अभियोजन के तर्कों से सहमत होते हुए आरोपी मनीष को अलग-अलग धाराओं के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा न्यायालय ने कुल 1,06,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। ईएमएस/राजेश कलजोरिया/ 14 मई 2026