राष्ट्रीय
14-May-2026


नई दिल्ली (ईएमएस)। भारत अब रक्षा तकनीक के उस शिखर की ओर बढ़ रहा है, जहां अब तक दुनिया के चुनिंदा देशों की ही पहुंच रही है। दक्षिण भारत के राज्य आंध्र प्रदेश में देश के सबसे बड़े रक्षा और वैमानिक केंद्र की नींव रखी जा रही है, जहां भारत का पहला स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ लड़ाकू विमान तैयार होगा। यह महत्वाकांक्षी परियोजना पुट्टपर्थी, श्री सत्य साई जिला में स्थापित की जा रही है। राजनाथ सिंह और एन चंद्रबाबू नायडू 15 मई 2026 को इस ऐतिहासिक परियोजना की आधारशिला रखेंगे। यह केंद्र वैमानिकी विकास एजेंसी के अधीन विकसित किया जा रहा है, जहां भारत के उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान का एकीकरण, परीक्षण, सत्यापन और प्रमाणन किया जाएगा। इसी केंद्र में विमान के कंप्यूटर, रडार, सेंसर, हथियार प्रणाली और स्टील्थ तकनीक को एक साथ जोड़कर अंतिम रूप दिया जाएगा। परियोजना के तहत पुट्टपर्थी में हवाई पट्टी की लंबाई बढ़ाकर 10000 फुट की जा रही है और विशेष उड़ान क्षेत्र भी तैयार किया जा रहा है। लक्ष्य है कि विमान का पहला प्रारूप 2027 तक तैयार हो और 2028 में पहली परीक्षण उड़ान हो सके। विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना के सफल होने पर भारत उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में मजबूती से खड़ा होगा, जिनके पास अपनी स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी की स्टील्थ युद्धक विमान तकनीक है। इस परियोजना से क्षेत्र में 7500 से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होंगे और रायलसीमा क्षेत्र देश के सबसे बड़े रक्षा निर्माण केंद्र के रूप में उभर सकता है। सुबोध/१४-०५-२०२६