राष्ट्रीय
14-May-2026


नई दिल्ली (ईएमएस)। वैश्विक तनाव और पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट के बीच भारत की कूटनीतिक सक्रियता और तेज होती दिखाई दे रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 मई 2026 से 6 दिन के अहम विदेश दौरे पर निकल रहे हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली की आधिकारिक यात्रा करेंगे। इस बहुप्रतीक्षित दौरे में ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा सहयोग, व्यापार, निवेश, हरित प्रौद्योगिकी और रणनीतिक साझेदारी प्रमुख एजेंडे में शामिल रहेंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार प्रधानमंत्री सबसे पहले संयुक्त अरब अमीरात पहुंचेंगे, जहां उनकी मुलाकात राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नहयान से होगी। दोनों देशों के बीच ऊर्जा आपूर्ति, क्षेत्रीय सुरक्षा और आर्थिक गलियारे जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। इसके बाद प्रधानमंत्री यूरोप का रुख करेंगे। नीदरलैंड में अर्धचालक तकनीक और उन्नत विनिर्माण, स्वीडन और नॉर्वे में हरित तकनीक, निवेश और नवाचार पर फोकस रहेगा। ओस्लो में 18 मई को भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन आयोजित होगा, जहां व्यापार और तकनीकी सहयोग को नई दिशा देने पर चर्चा होगी। दौरे का अंतिम पड़ाव इटली होगा, जहां रक्षा उत्पादन, रणनीतिक उद्योग और यूरोपीय संपर्क गलियारे पर महत्वपूर्ण बातचीत होने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा वैश्विक अस्थिरता के बीच यह दौरा भारत की ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा आत्मनिर्भरता और वैश्विक आर्थिक पहुंच को नई मजबूती देने वाला साबित हो सकता है। सुबोध/१४-०५-२०२६