क्षेत्रीय
15-May-2026
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रायपुर(ईएमएस)। देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3-3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद आम लोगों की चिंता बढ़ गई है। राजधानी रायपुर में शुक्रवार सुबह से ही कई पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। कई जगह हालात ऐसे रहे कि गाड़ियों की लाइनें 100 मीटर तक पहुंच गईं। बढ़ी कीमतों और ईंधन संकट की अफवाहों के चलते लोग बड़ी संख्या में फुल टैंक करवाने पहुंच रहे हैं। रायपुर में पेट्रोल की कीमत बढ़कर 103.58 रुपए प्रति लीटर और डीजल 96.57 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया है। अचानक बढ़ी भीड़ के बाद प्रशासन को स्थिति संभालने के लिए सक्रिय होना पड़ा। जिला प्रशासन का कहना है कि शहर में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और घबराने जैसी कोई स्थिति नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक, अफवाहों के कारण लोग जरूरत से ज्यादा ईंधन खरीद रहे हैं, जिससे पंपों पर दबाव बढ़ा है। स्थिति को देखते हुए रायपुर कलेक्टर ने पेट्रोल पंप एसोसिएशन और तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। बैठक में तेल आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए गए। प्रशासन ने डिपो से 24 घंटे पेट्रोल और डीजल सप्लाई जारी रखने का फैसला लिया है। पहले टैंकरों को सीमित समय के लिए ही शहर में प्रवेश की अनुमति थी, लेकिन अब लगातार आपूर्ति सुनिश्चित करने की व्यवस्था की गई है ताकि पंपों पर भीड़ कम हो सके। हालांकि, कई वाहन चालकों का कहना है कि शहर के कुछ पेट्रोल पंपों पर ईंधन उपलब्ध नहीं होने की जानकारी मिलने के कारण लोग जल्दबाजी में पेट्रोल भरवा रहे हैं। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि कीमतें और बढ़ने की आशंका से वे पहले ही टैंक फुल करा लेना चाहते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि डीजल की कीमत बढ़ने का असर सीधे आम लोगों की जेब पर पड़ेगा। डीजल महंगा होने से मालभाड़ा बढ़ेगा, जिससे दूसरे राज्यों से आने वाली सब्जियां, फल और रोजमर्रा की वस्तुएं महंगी हो सकती हैं। खेती-किसानी में उपयोग होने वाले ट्रैक्टर और पंपिंग सेट के संचालन खर्च में भी बढ़ोतरी होगी, जिसका असर कृषि उत्पादन लागत पर पड़ेगा। इसके अलावा बस, ऑटो और स्कूल वाहनों के किराए में भी वृद्धि की संभावना जताई जा रही है। जानकारों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह मानी जा रही है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान-अमेरिका के बीच टकराव की आशंकाओं के चलते क्रूड ऑयल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। बताया जा रहा है कि कुछ समय पहले तक करीब 70 डॉलर प्रति बैरल रहने वाला कच्चा तेल अब 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुका है। तेल कंपनियों पर बढ़ते आर्थिक दबाव के चलते कीमतों में यह बढ़ोतरी की गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बनी रहती है, तो आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में और इजाफा हो सकता है। सत्यप्रकाश(ईएमएस)15 मई 2026