राज्य
15-May-2026


- माफीनामे के आधार पर मंजूर हुई जमानत - इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 8 आरोपियों को दी जमानत प्रयागराज (ईएमएस)। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने वाराणसी में गंगा नदी के बीच नाव पर रोजा इफ्तार के दौरान मांसाहारी भोजन के अवशेष फेंकने के मामले में आठ आरोपियों की जमानत मंजूर कर ली है। इस मामले में कुल 14 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिनमें से छह आरोपियों को फिलहाल राहत नहीं मिली है। न्यायमूर्ति राजीव लोचन शुक्ला की एकल पीठ ने पांच याचिकाकर्ताओं—मोहम्मद आजाद अली, मोहम्मद तहसीम, निहाल अफरीदी, मोहम्मद तौसीफ और मोहम्मद अनस—की जमानत अर्जियों को स्वीकार किया। वहीं, न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने तीन अन्य आरोपियों—मोहम्मद समीर, मोहम्मद अहमद रजा और मोहम्मद फैजान—को जमानत देने का आदेश जारी किया। अदालत ने यह राहत आरोपियों द्वारा दाखिल किए गए हलफनामे (एफिडेविट) में मांगी गई माफी के आधार पर दी है। आरोपियों ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए भविष्य में ऐसी घटना न दोहराने का आश्वासन दिया था। गौरतलब है कि वाराणसी में गंगा की पवित्रता को ध्यान में रखते हुए नाव पर मांसाहार और गंदगी फैलाने की इस घटना ने काफी तूल पकड़ा था, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 14 लोगों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया था। शेष छह आरोपियों की जमानत पर अभी कानूनी प्रक्रिया जारी है। रामयश/ईएमएस 15 मई 2026