राज्य
15-May-2026
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वाराणसी (ईएमएस)। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि वर्तमान हिंदू समाज गाय को दूध देने की मशीन समझ लिया है। यही भूल सनातन धर्म की क्षति का सबसे बड़ा कारण बनेगी। शाश्वत सत्य है कि गाय आदिकाल से जगत पालक है। वह केवल मानव जाति पर कृपा ही नहीं करती है, बल्कि वह बैतरणी भी पार कराती है। उन्होंने आह्वान किया कि गोरक्षा के लिए हम सभी को जागरूक होना पड़ेगा। यह मानव अस्तित्व के लिए आवश्यक है। गोरखपुर (उ प्र )से शुरू 81 दिवसीय गविष्ठी यात्रा का शंकराचार्य का गुरुवार को 12वें दिन पिंडरा (वाराणसी ) में पड़ाव था। शंकराचार्य ने धर्म सभा में लोगों से कहा कि हमारी मां हर जन्म में बदल जाती है। वह हमें एक ही जीवन में दूध पान कराती आयी है। वह माता अनादि काल से मानव मात्र पर दूध की ममता लुटाती आ रही है। वह जाति -धर्म देखकर कृपा नहीं करती है। हमारे रक्त में श्वेत कण ब्रह्म रचित सुरभि गाय के दूध का ही अंस है। उन्होंने गोमांस बिक्री पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि गोमांस भक्षक और गोपूक एक साथ कतई नहीं बैठ सकते। ब्रह्मा ने सुरभि गाय की रचना की। शंकराचार्य नें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय की मौजूदगी में धर्म सभा में अहं हनम वृत्तम गाविष्ठऊ मन्त्रोंचार से लोगों को गोरखा का संकल्प दिलाया। उन्होंने लोगों के समक्ष कहा कि गो हत्या करने वाले हमारे शत्रु होंगे। शंकराचार्य नें पिंडरा क्षेत्र में गोधाम के निर्माण के लिए लोगों से एक वोट एक नोट मांगे। धर्म सभा में चुने गए प्रतिनिधि राजेश प्रधान अभियान का नेतृत्व करेंगे। गाय के लिए एक वोट एक नोट मांगने वह गांव- गांव जाएंगे। डॉ नरसिंह राम/ 15 मई /2026