राष्ट्रीय
15-May-2026


नई दिल्ली (ईएमएस)। भारत में इस वर्ष मौसम को लेकर चिंता बढ़ गई है। प्रशांत महासागर में बन रहे सुपर अल नीनो के संकेतों ने मौसम वैज्ञानिकों और कृषि विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्य से कम रह सकता है, जिससे अगस्त और सितंबर के महीनों में देश के कई हिस्सों में सूखे जैसे हालात पैदा होने की आशंका जताई जा रही है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि मानसून 26 मई के आसपास पहुंच सकता है, जो सामान्य समय से पहले है, लेकिन जल्दी पहुंचने का मतलब अधिक बारिश होना नहीं माना जा रहा। विभाग ने पूरे मानसून सीजन में औसत से कम वर्षा की संभावना जताई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि सुपर अल नीनो के प्रभाव से सबसे ज्यादा असर उत्तर, पश्चिम और मध्य भारत पर पड़ सकता है। कई इलाकों में तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है और वर्षा में कमी दर्ज की जा सकती है। आसपास के क्षेत्रों में भी लू और उमस से राहत मिलने की संभावना कम बताई जा रही है। वहीं , और के कुछ हिस्से भी कम वर्षा के दायरे में आ सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अगस्त और सितंबर में वर्षा में बड़ी कमी दर्ज होती है तो खरीफ फसलों, जलाशयों और पेयजल आपूर्ति पर सीधा असर पड़ सकता है। भारत की लगभग 60 प्रतिशत खेती अब भी मानसूनी बारिश पर निर्भर मानी जाती है, ऐसे में आने वाले महीने कृषि और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए बेहद अहम होंगे। सुबोध/१५-०५-२०२६