:: आवासों की ग्राउंडिंग में प्रदेश ने हासिल किया प्रथम स्थान, 9 लाख परिवारों का गृह प्रवेश पूर्ण :: इंदौर/भोपाल (ईएमएस)। मध्यप्रदेश ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के क्रियान्वयन में अपनी श्रेष्ठता सिद्ध करते हुए देशभर में नया कीर्तिमान रचा है। हर जरूरतमंद परिवार को अपनी छत मुहैया कराने के संकल्प के साथ प्रदेश ने आवासों की ग्राउंडिंग और निर्माण में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश में अब तक 10 लाख से अधिक आवासों की स्वीकृति दी जा चुकी है, जो निर्धन और मध्यम वर्ग के सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है। राज्य सरकार के प्रभावी क्रियान्वयन और सतत मॉनिटरिंग के चलते मध्यप्रदेश आज आवास निर्माण के क्षेत्र में रोल मॉडल बनकर उभरा है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के आयुक्त संकेत भोंडवे ने इस उपलब्धि की तकनीकी जानकारी साझा करते हुए बताया कि मध्यप्रदेश ने आवासों की ग्राउंडिंग यानी निर्माण कार्य प्रारंभ करने की प्रक्रिया में देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। प्रदेश में स्वीकृत कुल आवासों में से 98.04 प्रतिशत की ग्राउंडिंग का कार्य पूर्ण हो चुका है, जो प्रशासनिक कुशलता और समयबद्ध कार्यप्रणाली का प्रतिफल है। विभाग द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि निर्माण कार्य में न केवल गति बनी रहे, बल्कि गुणवत्ता के मानकों पर भी कोई समझौता न हो, ताकि पात्र परिवारों को तय समय सीमा में सुरक्षित और सुंदर आशियाना मिल सके। योजना के तहत अब तक 9 लाख से अधिक आवासों का निर्माण पूर्ण कर उन्हें पात्र हितग्राहियों को सौंपा जा चुका है। पक्के घर का सपना साकार होने से शहरी क्षेत्रों के हजारों परिवारों के जीवन स्तर, सामाजिक सुरक्षा और सम्मान में सकारात्मक बदलाव आया है। आर्थिक रूप से कमजोर और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए यह योजना न केवल सिर पर छत प्रदान कर रही है, बल्कि उनके सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण का आधार भी बन रही है। योजना के माध्यम से शहरी क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विकास के साथ-साथ बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिला है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिली है। राज्य शासन ने संकल्प दोहराया है कि भविष्य में भी इसी गुणवत्ता और संकल्प के साथ योजना का क्रियान्वयन जारी रहेगा। प्रकाश/15 मई 2026