राज्य
15-May-2026
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:: डिजिटल सुविधा : घर बैठे जमा हो रहे लाखों उपभोक्ताओं के बिल, बुजुर्गों और श्रमिक बस्तियों को मिली बड़ी राहत :: इंदौर (ईएमएस)। तकनीक और जनसुविधा के समन्वय से मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बिजली उपभोक्ताओं की राह आसान कर दी है। कंपनी द्वारा शुरू किए गए डोर टू डोर (डी-टू-डी) एप ने बिल भुगतान की पारंपरिक दिक्कतों को खत्म कर दिया है। अब उपभोक्ताओं को न तो बिजली दफ्तरों की कतारों में लगने की मजबूरी है और न ही समय पर भुगतान न होने पर कनेक्शन कटने का डर। इस एप के माध्यम से चालू कैलेंडर वर्ष में ही अब तक 30 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं ने घर बैठे अपने बिलों का भुगतान किया है। इस सुविधा का सबसे बड़ा लाभ उन उम्रदराज उपभोक्ताओं को मिल रहा है जो स्मार्ट फोन चलाने में सहज नहीं हैं। साथ ही तंग बस्तियों, दूरस्थ ग्रामीण अंचलों और श्रमिक क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए यह एप किसी वरदान से कम नहीं है। कंपनी के कर्मचारी या अधिकृत एजेंट सीधे उपभोक्ता के घर, दुकान या दफ्तर पहुँचते हैं और मौके पर ही बिल राशि प्राप्त कर ई-रसीद प्रदान कर देते हैं। इससे उपभोक्ताओं का समय तो बच ही रहा है, साथ ही वे सरचार्ज (विलंब शुल्क) की अतिरिक्त मार से भी बच रहे हैं। :: बिना अतिरिक्त शुल्क हाथों-हाथ रसीद :: पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक अनूप कुमार सिंह के मार्गदर्शन में शुरू हुई इस पहल की खास बात यह है कि इसमें उपभोक्ताओं से कोई भी अतिरिक्त सेवा शुल्क नहीं लिया जाता। बिजली बिल में दर्ज मूल राशि ही ली जाती है और भुगतान होते ही उपभोक्ता को मोबाइल पर तत्काल डिजिटल पावती मिल जाती है। इससे पारदर्शिता बनी रहती है और उपभोक्ताओं के मन में ज्यादा राशि वसूली जाने का भय भी समाप्त हो गया है। :: समय पर भुगतान से कंपनी और जनता दोनों को लाभ :: बिजली कंपनी के अनुसार, इस एप के प्रभावी क्रियान्वयन से जहाँ उपभोक्ताओं को दफ्तरों की भागदौड़ से मुक्ति मिली है, वहीं कंपनी को भी प्रतिमाह करोड़ों रुपये का राजस्व समय पर प्राप्त हो रहा है। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण और मप्र विद्युत नियामक आयोग की मंशा के अनुरूप दी जा रही इस सुविधा की आम जनता के बीच काफी सराहना हो रही है। इस नवाचार ने साबित कर दिया है कि यदि सरकारी सेवाएं द्वार तक पहुँचें, तो व्यवस्था के प्रति जन-विश्वास और अधिक गहरा होता है। प्रकाश/15 मई 2026