लंदन (ईएमएस)। शहरों में रहने वाले पक्षी पुरुषों की तुलना में महिलाओं से ज्यादा डरते हैं और उनके करीब आने पर जल्दी उड़ जाते हैं। यूरोप के वैज्ञानिकों की एक नई रिसर्च ने इस व्यवहार को लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया है। यह रिसर्च फ्रांस, जर्मनी, पोलैंड और स्पेन के वैज्ञानिकों ने मिलकर की है। अध्ययन के दौरान 37 अलग-अलग पक्षी प्रजातियों के व्यवहार का विश्लेषण किया गया। इनमें कौवे, कबूतर, रॉबिन और अन्य छोटे-बड़े शहरी पक्षी शामिल थे। रिसर्च में सामने आया कि पक्षी पुरुषों को अपने करीब आने के लिए औसतन एक मीटर अधिक दूरी तक सहन कर लेते हैं, जबकि महिलाएं जैसे ही नजदीक पहुंचती हैं, वे तेजी से उड़ जाते हैं। वैज्ञानिकों ने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की कि पक्षियों का व्यवहार किसी अन्य वजह से प्रभावित न हो। इसके लिए पुरुष और महिला प्रतिभागियों की ऊंचाई लगभग समान रखी गई। दोनों को एक जैसे कपड़े पहनाए गए ताकि बाहरी रूप से जेंडर पहचानना मुश्किल हो। यहां तक कि उनके बालों को भी पूरी तरह ढक दिया गया। सभी प्रतिभागियों को एक ही गति से पक्षियों की ओर बढ़ने के निर्देश दिए गए थे। इन सावधानियों के बावजूद परिणाम एक जैसे ही रहे। पक्षियों ने महिलाओं के प्रति अधिक सतर्कता दिखाई। यही बात वैज्ञानिकों को सबसे ज्यादा हैरान कर रही है। अब शोधकर्ता यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर पक्षी इंसानों के बीच जेंडर का अंतर कैसे पहचान लेते हैं। रिसर्च के बाद वैज्ञानिक कई संभावित कारणों पर विचार कर रहे हैं। पहली थ्योरी इंसानों के चलने के तरीके यानी बॉडी मूवमेंट से जुड़ी है। विशेषज्ञों का मानना है कि पुरुषों और महिलाओं के चलने के ढंग में अंतर होता है। संभव है कि महिलाओं की चाल या शरीर की गतिविधियां पक्षियों को अधिक सतर्क कर देती हों। हालांकि अभी तक इस सिद्धांत को पूरी तरह साबित नहीं किया जा सका है। दूसरी संभावना इंसानी शरीर की गंध से जुड़ी हुई है। पहले यह माना जाता था कि पक्षियों की सूंघने की क्षमता बहुत कमजोर होती है, लेकिन हाल की कई रिसर्च में सामने आया है कि पक्षी केमिकल संकेतों को पहचानने में सक्षम होते हैं। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि महिलाओं के शरीर से निकलने वाले कुछ हार्मोन या गंध पक्षियों को अलग तरह से प्रतिक्रिया देने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। अध्ययन की एक और खास बात यह है कि ऐसा व्यवहार मुख्य रूप से शहरी पक्षियों में देखा गया। शहरों में रहने वाले पक्षी लगातार इंसानों के संपर्क में रहते हैं और खुद को सुरक्षित रखने के नए तरीके विकसित करते रहते हैं। सुदामा/ईएमएस 16 मई 2026