ज़रा हटके
15-May-2026
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बीजिंग (ईएमएस)। चीन के कई युवा अपने पूर्व पार्टनर की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई आधारित डिजिटल कॉपी तैयार कर रहे हैं ताकि वे उनसे बातचीत कर सकें और अपने टूटे रिश्ते के दर्द को कम कर सकें। एक रिपोर्ट के अनुसार, यह अनोखा ट्रेंड सोशल मीडिया और तकनीक की दुनिया में तेजी से चर्चा का विषय बना हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक इस पूरी प्रक्रिया में यूजर अपने पूर्व साथी के पुराने चैट, सोशल मीडिया पोस्ट, तस्वीरें और वॉयस नोट्स को एआई प्लेटफॉर्म पर अपलोड करते हैं। इसके बाद एआई इन जानकारियों का विश्लेषण कर उस व्यक्ति के बोलने के अंदाज, भाषा की शैली और व्यवहार की नकल तैयार करता है। कई लोग अपने पुराने रिश्ते से जुड़ी यादें, जैसे डिनर डेट, सालगिरह और झगड़ों की बातें भी एआई के साथ साझा करते हैं ताकि तैयार की गई डिजिटल कॉपी बिल्कुल असली व्यक्ति जैसी प्रतिक्रिया दे सके। युवाओं का कहना है कि अचानक हुए ब्रेकअप के बाद जो पछतावा और अधूरी बातें मन में रह जाती हैं, उन्हें इस तकनीक के जरिए व्यक्त करना आसान हो जाता है। लोग अपने ‘डिजिटल एक्स’ से वे बातें कह पाते हैं जो वास्तविक जीवन में नहीं कह सके थे। कई यूजर्स का मानना है कि एआई से बातचीत करने पर उन्हें ऐसा महसूस होता है जैसे उन्हें अपने पुराने साथी से माफी मिल गई हो या रिश्ते को लेकर मन में चल रही उलझन कम हो गई हो। कुछ लोग इसे मानसिक संतुलन बनाए रखने और ब्रेकअप को स्वीकार करने का नया तरीका भी मान रहे हैं। हालांकि इस ट्रेंड ने दुनियाभर में नई बहस को जन्म दे दिया है। मनोवैज्ञानिकों और तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि बिना अनुमति किसी व्यक्ति की निजी चैट, फोटो और वॉयस डेटा को एआई प्लेटफॉर्म पर अपलोड करना गोपनीयता का गंभीर उल्लंघन हो सकता है। विशेषज्ञों को यह भी चिंता है कि लोग वास्तविक दुनिया से दूर होकर एआई पर भावनात्मक रूप से निर्भर हो सकते हैं, जिससे मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। बताया जा रहा है कि इस ट्रेंड की शुरुआत शंघाई के एआई इंजीनियर झोउ तियानयी के एक ओपन-सोर्स प्रोजेक्ट ‘कलीग डॉट स्किल’ से हुई। अब कई युवा इसे वीचैट जैसे मैसेजिंग प्लेटफॉर्म से जोड़कर अपने पुराने रिश्तों की डिजिटल छवि तैयार कर रहे हैं। सुदामा/ईएमएस 15 मई 2026