बहस के दौरान मुंह नहीं छिपा सकेंगे खिलाड़ी कोलकाता (ईएमएस)। 11 जून से अमेरिका कनाडा और मैक्सिको में होने वाले फीफा विश्वकम में इस बार फुटबॉल में नए नियम अपनाये जाएंगे। इसके तहत अब खिलाड़ी एक दूसरे से बहस के दौरान मुंह नहीं ढ़क सकेंगे। वहीं ऐसा करने पर उन्हें लाल कार्ड दिखाया जाएगा। यह कदम खिलाड़ियों के बीच मौखिक दुर्व्यवहार, विशेषकर नस्लीय टिप्पणियों को रोकने के लिए उठाया गया है। गौरतलब है कि चैम्पियंस लीग के दौरान रियाल मैड्रिड के विनीसियस जूनियर के मैच के दौरान बेनफिका के जियानलुका प्रेस्टियानी के खिलाफ मुंह ढ़ककर टिप्पणी की थी। जिसपर काफी विवाद हुआ था। इस मामले के सामने आने के बाद फीफा के सामने एक प्रस्ताव आया था। जिसमें इसपर रोक लगाने को कहा था। मौखिक दुर्व्यवहार पर अंकुश लगाने के इस कदम के अतिरिक्त, अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल के नियम तय करने वाली संस्था (आईएफएबी) ने एक और महत्वपूर्ण घोषणा की है। इसके तहत अब रेफरी के फैसले के विरोध में मैदान छोड़ने वाले किसी भी खिलाड़ी को लाल कार्ड दिखाया जा सकता है। यह नियम उन टीम अधिकारियों पर भी लागू होगा जो अपने खिलाड़ियों को विरोध में मैदान छोड़ने के लिए उकसाते हैं। आईएफएबी ने बताया कि इन सभी संशोधन के बारे में विश्व कप में भाग लेने वाली सभी 48 टीमों को विस्तार से बता दिया जाएगा। इन अनुशासनात्मक बदलावों के साथ-साथ, फीफा ने विश्व कप के पीले कार्ड संबंधी नियमों में भी संशोधन किया है, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि महत्वपूर्ण नॉकआउट मैचों के लिए कम खिलाड़ियों को निलंबन का सामना करना पड़े। नए नियम के अनुसार, विश्व कप के दौरान किसी खिलाड़ी को मिले पीले कार्ड दो बार उसके रिकॉर्ड से हटा दिए जाएंगे। फीफा परिषद ने फीफा विश्व कप 2026 के नियमों में संशोधन करते हुए यह तय किया है कि ग्रुप चरण में मिला कोई भी पीला कार्ड नॉकआउट चरण में मान्य नहीं होगा। इसी तरह, क्वार्टर फाइनल में मिला एक पीला कार्ड अगले मैचों (सेमीफाइनल और फाइनल) के लिए मान्य नहीं होगा। विश्व कप में इससे पहले यदि किसी खिलाड़ी को दो अलग-अलग मैचों में पीला कार्ड दिखाया जाता था तो उसे एक मैच का प्रतिबंध झेलना पड़ता था। हालांकि, पिछले टूर्नामेंटों में क्वार्टर फाइनल चरण के बाद एक पीले कार्ड को रद्द कर दिया जाता था, जिससे यह सुनिश्चित होता था कि सेमीफाइनल में पीला कार्ड मिलने के कारण कोई भी खिलाड़ी फाइनल जैसे महत्वपूर्ण मैच से बाहर न हो। गिरजा/ईएमएस 16मई 2026