खेल
16-May-2026
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मुम्बई (ईएमएस)। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कोच रवि शास्त्री का मानना है कि भारतीय टी20 टीम के अलग कप्तान संजू सैमसन होंगे। शास्त्री के अनुसार अगले दो से तीन साल में आप सैमसन को भारतीय टी20 टीम की कप्तानी करते देखेंगे। शास्त्री का मानना है कि सैमसन ने पिछले कुछ समय में कप्तान और विकेटकीपर बल्लेबाज के तौर पर अपने को नेतृत्व की भूमिका के लिए तैयार कर लिया है और वह भविष्य में टीम इंडिया के लिए कप्तानी के बड़े दावेदार के तौर पर उभरेंगे। अभी भारतीय टीम की कप्तान सूर्यकुमार यादव के पास है पर उनकी उम्र बढ़ती जा रही है। ऐसे में चयनसमिति को भविष्य के लिए नये कप्तान की जरुरत है। सूर्यकुमार की कप्तानी में भारतीय टीम ने इसी साल टी20 विश्वकप जीत है पर उनका स्वयं का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा। विश्वकप के बाद सूर्या आईपीएल में भी रन बनाने में असफल रहे। जिससे अटकलें लगाई जा रही हैं कि चयनकर्ता उनसे आगे बढ़ने और 2028 टी20 विश्व कप की तैयारियों के लिए एक नए और दीर्घकालिक कप्तान को पर्याप्त समय देने पर विचार कर रहे हैं। भारतीय टीम को आईपीएल के बाद आयरलैंड और इंग्लैंड का भी दौरा करना है। इन दौरों के लिए भारतीय टीम की घोषणा के बाद चयनकर्ता नए कप्तान का नाम भी ले सकते हैं। इस दौड़ में अभी श्रेयस अय्यर और संजू सैमसन दो नाम प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं पर श्रेयस अय्यर ने साल 2023 से कोई टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला है जबकि सैमसन ने हाल ही में संपन्न हुए टी20 विश्व कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का खिताब जीता था। रोहित शर्मा और विराट कोहली के टी20 अंतरराष्ट्रीय से संन्यास के बाद से सैमसन लगातार भारतीय टीम में रहे हैं। शास्त्री ने कहा, “अगले टी20 विश्व कप 2028 के लिए भारत को शायद एक नए कप्तान की आवश्यकता होगी, और यह काफी हद तक सूर्यकुमार के अगले कुछ सालों के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा पर सैमसन ने इस बीच अपने को नेतृत्व की भूमिका के लिए पूरी तरह तैयार किया है क्योंकि उन्होंने राजस्थान रॉयल्स की लंबे समय तक कप्तानी की है। ” उन्होंने आगे कहा, “वह टीम के शीर्ष क्रम में एक स्थापित और बेहद खतरनाक बल्लेबाज हैं। मुझे लगता है कि यह तो बस शुरुआत है, अगले दो या तीन सालों में आप सैमसन को अन्य भूमिका में भी देखेंगे।” शास्त्री ने जोर देकर कहा, “मुझे लगता है कि उसने उन सभी सवालों के जवाब दे दिए हैं जो उसकी क्षमताओं को लेकर उठाए जाते थे। उसमें हमेशा क्षमता थी, लेकिन कई बार ऐसा लगा कि वह उस क्षमता के साथ न्याय नहीं कर पा रहा था। हालांकि, इस सीजन में, खासकर टी20 विश्व कप में उसके प्रदर्शन के बाद, जिस तरह से उसने खेला है उससे अब साबित करने को कुछ और नहीं है। आईपीएल में भी उसने आगे बढ़कर जो परिपक्वता दिखाई है, वह उसे भविष्य में नेतृत्व के लिए एक स्पष्ट दावेदार बनाता है।” चयनकर्ताओं की नजरे अब आईपीएल के बाद होने वाले दौरों पर टिकी हैं, जहां भारतीय टी20 टीम के भविष्य के कप्तान का फैसला हो सकता है। गिरजा/ईएमएस 16मई 2026