* कांग्रेस नेता डॉ. मनीष दोशी ने कहा – “यह सिर्फ परीक्षा घोटाला नहीं, राष्ट्रीय संकट है” अहमदाबाद (ईएमएस)| प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर गुजरात प्रदेश कांग्रेस समिति के मीडिया कन्वीनर और प्रवक्ता डॉ. मनीष दोषी ने एनईईटी-यूजी पेपर लीक मामले में कड़ी कार्रवाई और परीक्षा व्यवस्था में स्थायी सुधार की मांग की है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक ने देश के 22 लाख मेधावी छात्रों और गुजरात के 85 हजार विद्यार्थियों के भविष्य को बर्बाद कर दिया है। डॉ. मनीष दोशी ने कहा कि यह अब केवल “परीक्षा की समस्या” नहीं रह गई है, बल्कि एक राष्ट्रीय आपदा बन चुकी है, जिसने भविष्य के डॉक्टरों की पूरी पीढ़ी के सपनों को तोड़ दिया है। उन्होंने मांग की कि मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराई जाए और इसमें शामिल सभी लोगों को कड़ी सजा दी जाए। उन्होंने कहा कि एनईईटी-यूजी परीक्षा प्रक्रिया में व्यापक व्यवस्थागत सुधार अत्यंत आवश्यक हैं। छात्रों को पारदर्शी और पूरी तरह सुरक्षित परीक्षा व्यवस्था का अधिकार है। केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है कि वह लाखों विद्यार्थियों का परीक्षा प्रणाली पर भरोसा दोबारा कायम करे। डॉ. दोशी ने आरोप लगाया कि बार-बार हो रहे पेपर लीक से एनटीए की व्यवस्थागत विफलता, प्रशासनिक लापरवाही और संगठित परीक्षा माफिया का नेटवर्क उजागर हुआ है। उन्होंने कहा कि सिर्फ परीक्षा रद्द कर देना न्याय नहीं है। पूरे देश में फैले पेपर लीक नेटवर्क और माफियाओं के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कोचिंग माफिया की संभावित संलिप्तता की भी विस्तृत जांच की मांग करते हुए कहा कि एनटीए की डिजिटल सुरक्षा खामियों, अंदरूनी मिलीभगत और आर्थिक लेन-देन की जांच जरूरी है। कांग्रेस प्रवक्ता ने केंद्र सरकार से समयबद्ध सुधार लागू करने की मांग करते हुए कहा कि एनटीए की सभी प्रणालियों का डिजिटल ऑडिट कराया जाए, प्रश्नपत्र और उत्तरपुस्तिकाओं के लिए एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन व्यवस्था लागू हो तथा अधिकारियों के लिए कड़ी जवाबदेही तय की जाए। उन्होंने कहा कि मजबूत एंटी-पेपर लीक कानून का प्रभावी अमल किया जाए और वर्तमान प्रशासनिक ढांचे से अलग एक स्वतंत्र परीक्षा नियामक संस्था बनाई जाए, ताकि एनईईटी सहित सभी प्रवेश परीक्षाओं और सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता बहाल हो सके। चेतना/16 मई