* पीएम मोदी की अपील के बाद राज्य सरकार के बड़े फैसले, यात्रा से लेकर सरकारी वाहनों तक लागू होंगे नए नियम गांधीनगर (ईएमएस)| प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देशवासियों से संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और मितव्ययिता अपनाने की अपील के बाद मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी मार्गदर्शन में गुजरात सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदमों की घोषणा की है। राज्य मंत्रिमंडल की बैठक के बाद प्रवक्ता मंत्री जीतू वाघाणी ने इन निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार पेट्रोल-डीजल, विदेशी मुद्रा और अन्य संसाधनों की बचत के लिए व्यापक स्तर पर सख्ती लागू करेगी। सरकारी निर्देशों के अनुसार अब सरकारी कार्यों के लिए यात्राएं केवल आवश्यकता पड़ने पर ही की जाएंगी। अधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, टेलीफोन और ई-मेल जैसे डिजिटल माध्यमों का अधिकतम उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। अत्यंत जरूरी स्थिति को छोड़कर क्षेत्रीय अधिकारियों को बैठकों के लिए बुलाने के बजाय वर्चुअल बैठकें आयोजित की जाएंगी। अन्य राज्यों और केंद्र सरकार की बैठकों में भी यथासंभव ऑनलाइन माध्यम से शामिल होने पर जोर दिया गया है। सरकार ने अनिवार्य परिस्थितियों को छोड़कर विदेश यात्राओं, विदेशी प्रशिक्षण कार्यक्रमों, सेमिनार और कॉन्फ्रेंस में भाग लेने से बचने के निर्देश दिए हैं। राज्य से बाहर की यात्रा आवश्यक होने पर वरिष्ठ अधिकारियों को गैर-जरूरी स्टाफ साथ न ले जाने की सलाह दी गई है। वहीं जिला स्तर पर भी अधिकारियों और कर्मचारियों को अनावश्यक यात्रा टालने तथा आवश्यक यात्रा से पहले अपने नियंत्रण अधिकारी को सूचित करने को कहा गया है। सरकारी वाहनों के उपयोग पर भी नियंत्रण लगाया जाएगा। सभी विभागों में उपलब्ध वाहनों की समीक्षा कर अतिरिक्त वाहनों को निष्क्रिय किया जाएगा। एक से अधिक जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारियों को एक मुख्य वाहन छोड़कर बाकी वाहन सरकारी वाहन पूल में जमा कराने होंगे। जिन अधिकारियों के पास इलेक्ट्रिक वाहन या हाइब्रिड वाहन उपलब्ध हैं, उन्हें उन्हीं का उपयोग करना अनिवार्य किया गया है। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों को निजी वाहनों के बजाय मेट्रो, एसटी बस और रेलवे जैसी सार्वजनिक परिवहन सेवाओं का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। आम नागरिकों की सुविधा के लिए मेट्रो सेवा का समय रात 11 बजे तक बढ़ाने का निर्णय भी लिया गया है। राज्य सरकार ने सभी सरकारी संस्थानों में स्वदेशी वस्तुओं, स्थानीय उत्पादों और एमएसएमई इकाइयों को प्राथमिकता देने के लिए खरीद नीति को और मजबूत बनाने का फैसला किया है। सरकारी कार्यक्रमों को सादगी से आयोजित करने तथा लोकार्पण समारोहों में वर्चुअल पद्धति अपनाने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। इसके अलावा अगले छह महीनों में सभी सरकारी कैंटीनों में पाइप्ड गैस कनेक्टिविटी (पीएनजी) अनिवार्य की जाएगी। सरकार ने जमाखोरी और घबराहट में की जाने वाली खरीदारी रोकने के लिए जनजागृति अभियान चलाने का भी निर्णय लिया है। प्रवक्ता मंत्री ने नागरिकों से किसी भी प्रकार की अफवाह या घबराहट से दूर रहने और संसाधनों की अनावश्यक जमाखोरी न करने की अपील की। उन्होंने विश्वास जताया कि जिस तरह कोरोना काल में प्रधानमंत्री के आह्वान पर लोगों ने सहयोग दिया था, उसी तरह इस बार भी गुजरात की जनता राज्य और देशहित में पूरा सहयोग देगी। चेतना/16 मई