साहिबगंज(ईएमएस)।वट सावित्री जैसे पवित्र पर्व पर जब सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए पूजा-अर्चना कर रही थीं।उसी दिन साहिबगंज में एक परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं। मंदिर की साफ-सफाई करने चढ़े एक मजदूर की करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार साहिबगंज जिले के तालझारी थाना क्षेत्र के महाराजपुर मीना बाजार फूलचंद टोला निवासी 33 वर्षीय मिठुन महतो के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वट सावित्री पर्व को लेकर मंदिर की साफ-सफाई की जा रही थी।मजदूरी कर परिवार चलाने वाले मिठुन महतो भी अपने इच्छानुसार मंदिर की सफाई करने मंदिर के ऊपर चढ़ गए थे।मृतक के साले सीताराम चौधरी ने बताया कि मिठुन को इस बात की जानकारी नहीं थी कि मंदिर के पिलर से निकला सरिया ऊपर से गुजर रहे 11 हजार वोल्ट के बिजली तार के संपर्क में आ चुका था।आशंका जताई जा रही है कि हाल के आंधी-तूफान में बिजली का तार सरिया से सट गया था।सफाई के दौरान जैसे ही मिठुन उस हिस्से के संपर्क में आए, उन्हें जोरदार करंट लगा और मौके पर ही वे गंभीर रूप से झुलस गए। घटना के बाद परिजन उन्हें आनन-फानन में इलाज के लिए सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर तालझारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।वहीं पोस्टमार्टम के लिए जब शव को साहिबगंज सदर अस्पताल लाया गया तो वहां का दृश्य बेहद मार्मिक था।मृतक की पत्नी और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। पत्नी बार-बार बेसुध होकर बिलखती रही और भगवान से सवाल करती रही कि आखिर पूजा के दिन ही उसका सुहाग क्यों छीन लिया गया।अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों की आंखें भी इस दृश्य को देखकर नम हो गईं।मिठुन महतो परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। दूसरे के खेत में आधा हिस्सा पर काम कर किसी तरह परिवार का भरण-पोषण करते थे।उनके पांच छोटे-छोटे बच्चे हैं।सबसे बड़ी बेटी 13 साल की, दूसरी बेटी 12 साल की, बेटा 8 साल का, दूसरा बेटा 7 साल का और सबसे छोटी बेटी महज 3 साल की है।पति की मौत के बाद पत्नी माया देवी बार-बार यही कहती रही।हे भगवान आज पूजा के दिन ही मेरा सुहाग छीन लिया अब इन बच्चों को कौन पालेगा बेटियों की शादी कैसे होगी हमारा घर कैसे चलेगा। कर्मवीर सिंह/16मई/26