मुंबई (ईएमएस)। आदित्य धर की ‘धुरंधर’ फ्रेंचाइजी इन दिनों लगातार चर्चा में बनी हुई है और इसे आधुनिक दौर की सफल फिल्मों में गिना जा रहा है। ‘धुरंधर’ और ‘धुरंधर: द रिवेंज’ की कामयाबी के बाद दर्शकों और फिल्म इंडस्ट्री में इसकी तुलना हिंदी सिनेमा की आइकॉनिक फिल्मों से होने लगी है। अभिनेता राकेश बेदी ने हाल ही में फिल्म ‘धुरंधर’ और हिंदी सिनेमा की क्लासिक फिल्म शोले की सफलता की तुलना करते हुए दिलचस्प बातें साझा की हैं। राकेश बेदी ने ‘शोले’ की ऐतिहासिक सफलता को याद करते हुए कहा कि उस दौर की फिल्मों का प्रभाव बिल्कुल अलग था। एक इंटरव्यू में राकेश बेदी ने बताया कि जब वह एफटीआईआई से निकले थे, उसी समय ‘शोले’ सिनेमाघरों में धूम मचा रही थी। उन्होंने कहा कि साल 1976 में प्लेसमेंट की बात हो रही थी और उससे एक साल पहले 1975 में ‘शोले’ रिलीज हुई थी। उस समय फिल्म पूरे देश में जबरदस्त तरीके से चल रही थी और लोगों के बीच उसका क्रेज अलग ही स्तर पर था। राकेश बेदी ने कहा कि आज ‘धुरंधर’ को रिलीज हुए करीब 42 दिन हो चुके हैं और इतने समय में फिल्म ने दुनियाभर में शानदार कारोबार किया है। उन्होंने माना कि मौजूदा दौर में 40 से 45 दिनों तक किसी फिल्म का मजबूत प्रदर्शन करना बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ‘शोले’ का दौर अलग था क्योंकि वह फिल्म लगातार पांच साल तक सिनेमाघरों में चलती रही थी। उनके मुताबिक, उस समय फिल्मों को देखने का अनुभव और दर्शकों का जुड़ाव आज से काफी अलग हुआ करता था। बातचीत के दौरान राकेश बेदी ने यह भी कहा कि पहले देश में थिएटरों की संख्या काफी कम होती थी। उस दौर में पूरे भारत में करीब 500 से 600 सिनेमाघर ही थे, जबकि आज मल्टीप्लेक्स और बड़े थिएटर नेटवर्क के कारण फिल्मों को एक साथ हजारों स्क्रीन मिल जाती हैं। उन्होंने कहा कि पहले लोग एक ही फिल्म को कई-कई बार देखने जाते थे और ‘शोले’ जैसी फिल्मों ने दर्शकों के दिलों में स्थायी जगह बना ली थी। शोले 15 अगस्त 1975 को रिलीज हुई थी। फिल्म का निर्देशन रमेश सिप्पी ने किया था। इसमें धर्मेंद्र, अमिताभ बच्चन, हेमा मालिनी, जया भादुड़ी, संजीव कुमार और अमजद खान जैसे दिग्गज कलाकार नजर आए थे। सुदामा/ईएमएस 17 मई 2026