अब बढ़ेगी मारक क्षमता और ऑपरेशनल रेंज तेलअवीव,(ईएमएस)। इजरायल ने अपने सबसे आधुनिक और घातक लड़ाकू विमान, लॉकहीड मार्टिन एफ-35I अदिर की मारक क्षमता और पहुंच को कई गुना बढ़ाने के लिए एक बड़ा मास्टर प्लान तैयार किया है। इजरायली रक्षा मंत्रालय की घोषणा के मुताबिक, वह इस अमेरिकी स्टेल्थ फाइटर जेट में स्वदेशी तकनीक से विकसित एक्सटर्नल फ्यूल टैंक (बाहरी ईंधन टैंक) लगाने जा रहा है। इस स्वदेशी समाधान के बाद एफ -35I की उड़ान रेंज इतनी बढ़ जाएगी कि उसे लंबी दूरी के मिशनों को अंजाम देने के लिए हवा में ईंधन भरने वाले टैंकर विमानों (रिफ्यूलर) पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इस रणनीतिक प्रोजेक्ट के लिए इजरायल के रक्षा मंत्रालय ने एल्बिट सिस्टम्स की सहायक कंपनी साइक्लोन के साथ 100 मिलियन शेकेल (करीब 34 मिलियन अमेरिकी डॉलर) का एक बड़ा समझौता किया है। यह कंपनी एफ-35I के लिए विशेष रूप से बाहरी ईंधन टैंक विकसित और इंटीग्रेट करेगी। गौरतलब है कि इजरायल ने इससे पहले अपने एफ-16 फाइटर जेट्स के लिए भी इसी तरह की तकनीक का सफलतापूर्वक इस्तेमाल किया था। वर्तमान में एफ-35 की सबसे बड़ी चुनौती उसकी सीमित रेंज है। नए 600 गैलन तक की क्षमता वाले ड्रॉप टैंक्स लगने से इस विमान की ऑपरेशनल रेंज कई सौ किलोमीटर बढ़ जाएगी। इससे यह फाइटर जेट अधिक पेलोड (हथियार और मिसाइलें) लेकर दुश्मन के इलाके में काफी अंदर तक हमला करने में सक्षम होगा। सबसे खास बात यह है कि इन टैंकों को इस तरह से डिजाइन किया जा रहा है और इन पर ऐसी विशेष कोटिंग की जाएगी, जिससे विमान की स्टेल्थ यानी राडार से बचने की मुख्य क्षमता पर कोई बुरा असर न पड़े। इजरायली रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, यह कदम अगले दशक की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने और क्षेत्र में अपनी सैन्य श्रेष्ठता बनाए रखने के लिए उठाया गया है। यह तकनीक विशेष रूप से ईरान जैसे दूर स्थित देशों से जुड़े उन गुप्त मिशनों के लिए गेम-चेंजर साबित होगी, जहां बड़े रिफ्यूलिंग विमानों का साथ जाना बेहद जोखिम भरा हो सकता है। इस बदलाव से इजरायली वायुसेना को बिना रुके लंबी दूरी तय करने की फ्लेक्सिबिलिटी मिलेगी, जिससे उसके मिशनों की गोपनीयता और सफलता की दर काफी बढ़ जाएगी। वीरेंद्र/ईएमएस 17 मई 2026