अंतर्राष्ट्रीय
17-May-2026
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लंदन,(ईएमएस)। ब्रिटेन में इस समय भारी राजनीतिक उथल-पुथल मची हुई है, जिसके चलते प्रधानमंत्री कीर स्टारमर की कुर्सी पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। हाल ही में सामने आई एपस्टीन फाइल्स और उसके बाद स्थानीय चुनावों में सत्तारूढ़ लेबर पार्टी को मिली करारी शिकस्त के बाद प्रधानमंत्री पर पद छोड़ने का दबाव बेहद बढ़ गया है। ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, कीर स्टारमर अब अपना पद छोड़ने के लिए मानसिक रूप से तैयार हो गए हैं और उन्होंने अपने करीबियों से कहा है कि वह इस्तीफा देने को तैयार हैं। हालांकि, वह यह कदम कब और किस तरह उठाएंगे, इसका फैसला वह खुद करेंगे। लेबर सरकार के इस संकट की मुख्य वजह एपस्टीन फाइल्स में पार्टी के नेता पीटर मैंडलसन का नाम सामने आना है। इस खुलासे के बाद से ही ब्रिटिश जनता का विश्वास लेबर पार्टी से पूरी तरह उठ गया, जिसका सीधा असर देश में हुए हालिया स्थानीय चुनावों पर देखने को मिला। ब्रिटेन के 136 क्षेत्रों में हुए इन क्षेत्रीय चुनावों के नतीजों ने सरकार की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। अंतिम नतीजों के मुताबिक, लेबर पार्टी ने परिषद की उन 2,200 से अधिक सीटों में से लगभग 1,200 सीटें गंवा दी हैं, जिन पर पहले उसका कब्जा था। इस चुनाव में निगेल फराज के नेतृत्व वाली दक्षिणपंथी पार्टी रिफॉर्म यूके सबसे बड़ी विजेता बनकर उभरी है, जिसने लगभग 1,422 सीटें जीती हैं। वहीं लेबर पार्टी महज 980 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर सिमट गई है। चुनावी नतीजों में लिबरल डेमोक्रेट्स को 834 और कंजरवेटिव पार्टी को 754 सीटें मिली हैं। वेल्स में 27 साल तक सत्ता में रहने के बाद लेबर पार्टी को वहां भी करारी हार का सामना करना पड़ा है, जहां वह तीसरे स्थान पर खिसक गई है। वहीं स्कॉटलैंड में भी पार्टी का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। इस करारी हार के बाद प्रधानमंत्री कीर स्टारमर को न सिर्फ जनता, बल्कि अपनी ही पार्टी के भीतर से कड़े विरोध का सामना करना पड़ रहा है। लेबर पार्टी के ही 80 से ज्यादा सांसदों ने उनसे तुरंत पद छोड़ने की अपील की है, जबकि सरकार के तीन सदस्यों के इस्तीफा देने की बात भी सामने आई है। हालांकि, शुरुआत में स्टारमर ने यह कहते हुए पद छोड़ने से साफ इनकार कर दिया था कि वह पीछे नहीं हटेंगे और देश को राजनीतिक अराजकता में नहीं धकेलेंगे, लेकिन चौतरफा बढ़ते दबाव और घटते जनसमर्थन के बीच अब उनके पास इस्तीफे के अलावा कोई दूसरा विकल्प बचता नहीं दिख रहा है। वीरेंद्र/ईएमएस/17मई 2026