लंदन (ईएमएस)। किसी देश के पासपोर्ट को सिर्फ विदेश यात्रा का दस्तावेज नहीं माना जाता, बल्कि कुछ पासपोर्ट अपनी दुर्लभता के कारण खास माने जाते हैं। कुछ पासपोर्ट अपनी ताकत, डिजाइन या विशेष अधिकारों की वजह से दुनिया भर में चर्चा में रहते हैं। दुनिया का सबसे दुर्लभ और खास पासपोर्ट ‘नाइट्स ऑफ माल्टा’ संगठन का माना जाता है। यह पासपोर्ट केवल लगभग 500 लोगों के पास मौजूद है। इसे ‘सॉवरेन मिलिट्री ऑर्डर ऑफ माल्टा’ के सदस्यों को जारी किया जाता है। यह संगठन बेहद अनोखा है क्योंकि इसका अपना संविधान और अंतरराष्ट्रीय पहचान तो है, लेकिन इसका कोई स्थायी भौगोलिक देश नहीं है। संयुक्त राष्ट्र में इसे पर्यवेक्षक का दर्जा प्राप्त है। गहरे लाल रंग के इस पासपोर्ट पर सुनहरे अक्षरों में संगठन का नाम लिखा होता है। इसका उपयोग मुख्य रूप से मानवीय और चिकित्सकीय मिशनों के दौरान किया जाता है। हालांकि अमेरिका, ब्रिटेन और न्यूजीलैंड जैसे कुछ देश इसे यात्रा दस्तावेज के रूप में मान्यता नहीं देते। यह संगठन 11वीं शताब्दी से अस्तित्व में है और शुरुआत में कैथोलिक चर्च से जुड़े सेवा संगठन के रूप में काम करता था। समय के साथ यह सैन्य संगठन से बदलकर मानवीय सहायता और चिकित्सा सेवाओं पर केंद्रित संस्था बन गया। आज भी यह दुनिया भर में गरीबों, शरणार्थियों, बीमारों और आपदा प्रभावित लोगों की मदद करता है। दुनिया के सबसे अनोखे पासपोर्टों में वेटिकन सिटी का पासपोर्ट भी शामिल है। यह दुनिया के सबसे छोटे देश का आधिकारिक पासपोर्ट है और इसे आम नागरिकों को नहीं दिया जाता। केवल वेटिकन के उच्च पादरियों, कार्डिनल्स, बिशप्स, राजनयिकों और स्विस गार्ड के सदस्यों को ही यह मिलता है। इसकी सबसे खास बात यह है कि यह नागरिकता नहीं, बल्कि पद के आधार पर जारी किया जाता है। जैसे ही व्यक्ति अपना पद छोड़ता है, पासपोर्ट वापस ले लिया जाता है। अगर दुनिया के सबसे ताकतवर पासपोर्ट की बात करें तो सिंगापुर का नाम सबसे ऊपर आता है। सिंगापुर का पासपोर्ट रखने वाले लोग दुनिया के लगभग 190 से ज्यादा देशों में बिना वीजा यात्रा कर सकते हैं। इसी वजह से इसे दुनिया का सबसे शक्तिशाली पासपोर्ट माना जाता है। वहीं डिजाइन और खूबसूरती के मामले में नॉर्वे का पासपोर्ट सबसे अलग माना जाता है। अल्ट्रावॉयलेट या ब्लैक लाइट में इसके पन्नों पर नॉर्दर्न लाइट्स, फजॉर्ड और आर्कटिक क्षेत्र की शानदार तस्वीरें उभरकर दिखाई देती हैं। जापान के पासपोर्ट में भी चेरी ब्लॉसम और माउंट फूजी की कलात्मक झलक देखने को मिलती है। विशेषज्ञों के अनुसार पासपोर्ट का रंग और डिजाइन भी किसी देश की सांस्कृतिक और राजनीतिक पहचान को दर्शाता है। लाल रंग के पासपोर्ट अक्सर यूरोपीय और पूर्व कम्युनिस्ट देशों में देखे जाते हैं, जबकि नीले रंग के पासपोर्ट अमेरिका और कनाडा जैसे देशों में आम हैं। इस्लामिक देशों में हरे रंग के पासपोर्ट लोकप्रिय हैं, जबकि काला रंग सबसे दुर्लभ और विशिष्ट माना जाता है। संयुक्त राष्ट्र अपने अधिकारियों को विशेष ‘लेसे-पासर’ दस्तावेज जारी करता है, जो उन्हें राजनयिक सुविधाएं और छूट प्रदान करता है। हालांकि यह किसी देश के पासपोर्ट का विकल्प नहीं होता, बल्कि उसके साथ इस्तेमाल किया जाता है। सुदामा/ईएमएस 17 मई 2026