- वित्त वर्ष 2026-27 में कंपनी का पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) मध्यम स्तर पर रहेगा नई दिल्ली (ईएमएस)। देश की दूसरी सबसे बड़ी सीमेंट कंपनी अंबुजा सीमेंट ने अपनी महत्वाकांक्षी विस्तार परियोजनाओं के क्रियान्वयन में हुई देरी को स्वीकार किया है। कंपनी ने संकेत दिया है कि वित्त वर्ष 2026-27 में उसका पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) मध्यम स्तर पर रहेगा। निदेशक करण अदाणी ने निवेशकों के साथ एक बातचीत में इन देरी के पीछे ठेकेदारों से जुड़ी समस्याओं, एक मजबूत निष्पादन टीम की कमी और अधूरी इंजीनियरिंग योजनाओं को प्रमुख कारण बताया है। कंपनी अब नई परियोजनाएं शुरू करने से पहले रुककर सुधार की रणनीति अपना रही है। अंबुजा सीमेंट ने चालू वित्त वर्ष (2024-25) के लिए 6,000-6,500 करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा है, जो पिछले वित्त वर्ष के लगभग 7,500 करोड़ रुपये से कम है। करण अदाणी ने स्पष्ट किया कि सीमेंट कारोबार में परियोजनाओं के क्रियान्वयन का स्तर समूह की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर पाया। उन्होंने कहा कि सही ठेकेदारों के चयन में विफलताओं, एसीसी और अंबुजा सीमेंट के अधिग्रहण के बाद एक तैयार निष्पादन टीम का अभाव, और इंजीनियरिंग योजनाएं पूरी होने से पहले ही परियोजनाओं को शुरू करना इन देरी के मुख्य कारण रहे। अदाणी ने जोर दिया कि कंपनी अब पहले मौजूदा परियोजनाओं को पूरा करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। भविष्य में नई परियोजनाओं पर काम शुरू करने से पहले छह महीने तक इंजीनियरिंग तैयारियों को पूरा किया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस नई रणनीति के साथ, कंपनी तय समयसीमा के भीतर परियोजनाओं को सफलतापूर्वक पूरा कर पाएगी। भविष्य की विस्तार रणनीति के तहत, अंबुजा सीमेंट अधिग्रहण के अवसरों का मूल्यांकन करती रहेगी, लेकिन उसकी प्राथमिकता आंतरिक परियोजनाओं के विस्तार पर होगी। सतीश मोरे/17मई ---