राष्ट्रीय
17-May-2026
...


- विश्वास मत जीतने के बाद अब राज्यसभा में एंट्री की तैयारी चैन्नई(ईएमएस)। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलापति विजय इस वक्त पूरे देश के राजनीतिक गलियारों में सबसे चर्चित चेहरा बन गए हैं। हालिया विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) को मिली शानदार सफलता के बाद वह राज्य में अपनी सरकार बनाने में कामयाब रहे हैं। अपने दम पर बहुमत के आंकड़े से थोड़ा दूर रहने के बावजूद विजय ने विधानसभा में भारी मतों से विश्वास मत हासिल कर अपनी राजनीतिक कुशलता का लोहा मनवा दिया है। अब उनके लिए एक और बड़ी खुशखबरी आने वाली है, जिसकी धमक सीधे दिल्ली दरबार तक सुनाई देगी। विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद टीवीके अब देश की संसद के ऊपरी सदन यानी राज्यसभा में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की पूरी तैयारी में है। बीते तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में टीवीके ने राज्य की दशकों पुरानी स्थापित राजनीति को पूरी तरह झकझोर कर रख दिया। पार्टी ने 234 सदस्यीय विधानसभा में अकेले 108 सीटों पर प्रचंड जीत हासिल की। थलापति विजय की यह उपलब्धि इसलिए भी बेहद अहम मानी जा रही है क्योंकि उन्होंने राज्य में पिछले करीब छह दशकों से चली आ रही पारंपरिक द्रविड़ राजनीति के वर्चस्व को चुनौती देकर तोड़ दिया है। उनकी इस शानदार जीत का सीधा असर अगले महीने होने वाले राज्यसभा के समीकरणों पर साफ दिखाई पड़ने वाला है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्यसभा में अपने सदस्य को भेजने की टीवीके की मुराद बहुत जल्द पूरी हो सकती है। इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत एआईएडीएमके के एक प्रमुख नेता से जुड़ी है। एआईएडीएमके के सी. वीई. शानमुगम ने हाल ही में मैलाम विधानसभा सीट से चुनाव जीता है। विधायक चुने जाने से पहले शानमुगम राज्यसभा के सदस्य थे, लेकिन चार मई को विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद उन्होंने नियमतः राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। इसके चलते तमिलनाडु से संसद के ऊपरी सदन की एक सीट खाली हो गई है। खास बात यह है कि शानमुगम एआईएडीएमके के उस बागी गुट का हिस्सा हैं जिसने विश्वास मत के दौरान पार्टी लाइन से अलग जाकर थलापति विजय की सरकार को खुला समर्थन दिया था। ऐसे में इस खाली सीट के लिए अगले महीने उपचुनाव होने की पूरी संभावना है। अगर विधानसभा के मौजूदा गणित को समझें, तो देश के आठ राज्यों में जून के मध्य में करीब 23 राज्यसभा सीटों के लिए उपचुनाव होने वाले हैं। इनमें से एक सीट तमिलनाडु की है। विधानसभा में बदले समीकरणों और संख्या बल के लिहाज से इस सीट पर टीवीके का दावा सबसे मजबूत है क्योंकि राज्य में इस वक्त उसके पास सबसे अधिक विधायक हैं। हालांकि राज्य में नियमित तौर पर जून 2028 में छह राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होने हैं, जिसमें संख्या बल के आधार पर टीवीके अपने दम पर आसानी से तीन सीटें जीत लेगी। लेकिन इस मौजूदा उपचुनाव में जीत दर्ज कर थलापति विजय की पार्टी संसद में अपना खाता खोल सकती है, जो दिल्ली की राजनीति में उनकी पार्टी की सीधी और धमाकेदार एंट्री होगी। वीरेंद्र/ईएमएस/17मई 2026