राष्ट्रीय
17-May-2026


-लोग बोले- सार्वजनिक परिवहन बढ़ाना है तो बसों में सुविधाएं बढ़ानी होंगी लखनऊ,(ईएमएस)। जहां एक ओर सरकार पेट्रोल डीजल बचाने और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने का संदेश दे रही है, वहीं दूसरी ओर बसों की बदहाल सुविधाएं के चलते लोग निजी कारों में किराया देकर अपनी मंजिल तक पहुंचना ज्यादा अच्छा समझ रहे हैं। उतरेटिया के बस स्टाप पर रुकी कई सरकारी बसों के परिचालक यात्रियों को बैठाने के लिए पुकारते रहे, लेकिन ज्यादातर यात्री निजी कार का इंतजार करते रहे तो कोई निजी कार में बैठता हुआ दिखा जिसके चलते सरकारी बसों की सीटें खाली दिखीं, जबकि निजी कार चालक सवारियां भरकर जाते दिखे। रिपोर्ट के मुताबिक राहगीरों और यात्रियों का कहना है कि भीषण गर्मी में बिना एसी और भीड़भाड़ वाली बसों में सफर करना मुश्किल है। कई यात्रियों ने बताया कि बसों में खड़े होकर सफर करना पड़ता है, जबकि किराया भी कम नहीं है। उतरेटिया से बछरावां जाने के लिए रोडवेज बस करीब 80 रुपए और रायबरेली के लिए 120 रुपए प्रति यात्री किराया ले रही है। वहीं निजी कार चालक बछरावां के 50 रुपए और रायबरेली 100 रुपए में पहुंचा रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि सरकार वास्तव में ईंधन बचत और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना चाहती है तो बसों में सुविधाएं बढ़ानी होंगी। समय पर बस सेवा, साफ सफाई, बेहतर सीटिंग और गर्मी से राहत की व्यवस्था जरूरी है। यात्रियों का कहना है कि मजबूरी में लोग निजी वाहनों का सहारा ले रहे हैं, जिससे एक तरफ ट्रैफिक और प्रदूषण बढ़ रहा है तो दूसरी तरफ सरकारी बसें खाली दौड़ रही हैं। सिराज/ईएमएस 17मई26