- पुलिस कार्यवाही पर जताया असंतोष, शव का दिल्ली एम्स में पीएम कराने की मांग - मामले की सुनवाई भी दूसरे राज्य में होना चाहिए - सीएम के ओएसडी से हुई मुलाकात - दोबारा पीएम के लिये कोर्ट के आदेश का इंतेजार - सोशल मीडिया पर बनाया “जस्टिस फॉर ट्विशा” हैंडल - परिजनों ने अंतिम संस्कार के लिये अभी तक नहीं लिया बेटी का शव - सास रिटायर्ड जज और पति है वकील, दोनो खिलाफ दर्ज हुआ है दहेज हत्या की धाराओं में केस - सास को मिल चुकी है जमानत, आरोपी पति की तलाश कर रही पुलिस भोपाल(ईएमएस)। राजधानी भोपाल में रिटायर्ड जज एवं वर्तमान में जिला उपभोक्ता फोरम बैंच-2 की अध्यक्ष गिरिबाला सिंह की बहू ट्विशा शर्मा द्वारा खुदकुशी किये जाने पर मृतका के परिवार वालो का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। प्रकरण में पुलिस कार्यवाही पर सवालिया निशान उठाते हुए परिजनो ने रविवार को मुख्यमंत्री निवास के सामने हंगामा कर दिया। दोपहर करीब साढ़े बारह बजे से प्रदर्शन कर रहे परिजनो ने मुख्य द्वार पर खड़े होकर मुख्यमंत्री से मिलने की गुहार लगाई। - गिरिबाला सिंह को मिली जमानत से परिजो का आक्रोश बढ़ा गौरलब है की मामले में कटारा हिल्स पुलिस ने रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह के खिलाफ दहेज हत्या सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। प्रकरण में गिरिबाला सिंह को कोर्ट ने जमानत दी है, जिसके बाद परिजन और भड़क गये। उचित कार्यवाही की मांग पर अड़े परिजनो ने पॉच दिन बाद भी बेटी का शव लेने से इंकार कर दिया। सीएम हाउस के बाहर परिजनो को समझाइश देते हुए स्टाफ ने उन्हें समस्या लिखकर देने और उनकी बात सीएम तक पहुंचाने का आश्वासन दिया, लेकिन परिजन मिलने की मांग पर अड़े रहे। हंगामे की सूचना मिलने पर श्यामला हिल्स थाना पुलिस सहित अन्य आला अधिकारियो ने भी मौके पर पहुचंकर उन्हें समझाइश देने का प्रयास किया। बाद में सीएम हाउस के सामने चार थानों से पुलिस बल बुलाया गया। वहीं महिला पुलिस कर्मचारियों को भी सीएम हाउस के बाहर तैनात किया गया। - भाई-पिता को चर्चा के लिये अंदर बुलाया काफी समय तक ट्विशा शर्मा की मां,भाई समेत अन्य परिजन सीएम हाउस के बाहर बैठे रहे। बाद में ट्विशा शर्मा के पिता और भाई को सीएम हाउस के अंदर चर्चा के लिए बुलाया गया। उनकी मुख्यमंत्री सचिवालय में अधिकारियों से बातचीत हुई। इस दौरान परिजन मुख्यमंत्री निवास के सामने हाथों में तख्तियां लेकर खड़े रहे और जमकर नारेबाजी की। - पुलिस जॉच पर उठाये सवाल, शव का दिल्ली एम्स में पीएम कराने की मांग परिजनो ने मांग की है कि ट्विशा के शव का दिल्ली एम्स में पोस्टमार्ट्म कराया जाए। यहां एम्स में उसके ससुराल के लोग पोस्टेड हैं। शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में उसकी मौत का कारण हैंगिंग बताया गया गई है लेकिन शरीर पर मल्टीपल इंजरी (कई चोटें) मिली हैं। ससुराल पक्ष द्वारा शव मांगने पर मायके वालों ने उन्हें शव देने से इनकार कर दिया गया। - सीएम के ओएसडी से हुई मुलाकात, दोबारा पीएम के लिये कोर्ट के आदेश का इंतेजार सीएम हाउस में मुख्यमंत्री के ओसडी से ट्विशा के पिता और भाई की मुलाकात हुई। मुलाकात के बाद ट्विशा के पिता नवनीधी शर्मा ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा की सीएम हाउस से उनके परिवार को उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया गया है। उन्होनें कहा की हमारी दो मांग है, पहली पोस्टमार्टम फिर से दूसरे प्रदेश में कराया जाए और प्रकरणकी सुनवाई भी दूसरे राज्य में होना चाहिए, मामले की सुनवाई एमपी में इसलिए नहीं चाहते क्योंकि जो आरोपी वहीं आरोपी ज्यूडिशरी सिस्टम में है। उन्होनें आगे कहा की दूसरी बार पोस्टमार्टम को लेकर जब तक न्यायालय का आदेश नहीं आ जाता तब तक बॉडी को प्रिजव्र करके रखा जाएगा। नवनीधी शर्मा ने बताया की अभी परिवार में चर्चा होगी उसके बाद आगे का फैसला लिया जाएगा - सोशल मीडिया पर बनाया “जस्टिस फॉर ट्विशा” हैंडल ट्विशा को न्याय दिलाने के लिए सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर किए जा रहे हैं। ऐसे ही एक वीडियो में बताया गया है, कि ट्विशा मां से बात कर रही थी, तभी कॉल डिस्कनेक्ट हो जाता है। बाद में परिजनो को बताया गया कि उसकी मौत हो गई। आपको क्या लगता है यह सुसाइड है या मर्डर…। परिवार ने “जस्टिस फॉर ट्विशा” नाम से इंस्टाग्राम हैंडल बनाकर मामले से जुड़े पोस्ट और वीडियो शेयर किए हैं। इसके अलावा एक्स (ट्विटर) समेत अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए भी वे लोगों तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। - जॉच के लिये पुलिस कमिश्नर ने बनाई एसआईटी परिवार वालो के आक्रोश को देखते हएु शनिवार को पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने पुरे प्रकरण की बारीकी से जॉच के लिये शनिवार को एसआईटी का गठन किया है। जिसका नेतृत्व में स्रोत एसीपी रजनीश कश्यप कौल करेंगे। - 12 मई को ट्विशा ने छत पर की थी खुदकुशी उल्लेखनीय है की गिरिबाला सिंह की बहू और उनके बेटे समर्थ सिंह की पत्नी 31 वर्षीय ट्विशा शर्मा ने मंगलवार रात बाग मुंगालिया एक्सटेंशन स्थित घर की छत पर फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। परिजन एफआईआर पर अड़े हुए थे। उनका आरोप है कि पुलिस दबाव में दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं कर रही थी। गुरुवार रात पुलिस ने एसीपी के जांच प्रतिवेदन पर गिरीबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह के खिलाफ दहेज हत्या का केस दर्ज कर लिया था। इस मामले में गिरीबाला सिंह को भोपाल जिला अदालत से जमानत मिल गई है। परिजनो का आरोप है, की 12 दिसंबर 2025 को हुई शादी के बाद से उसका पति और सास ट्विशा को मानसिक रुप से प्रताड़ित कर रहे थे। मृतका प्रियांशा शर्मा मूल रूप से नोएडा की रहने वाली थी। उसकी शादी करीब एक साल पहले समर्थ से हुई थी। उसका भाई हर्षित शर्मा भारतीय सेना में मेजर है। परिजनों का कहना है, कि जब तक उनकी मांग नहीं मानी जायेगी वह बेटी का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। जुनेद / 17 मई