- बड़ा फर्जीवाड़ा: अटेंडेंस महिला मजदूरों की लगाई, उनकी जगह पुरुषों के फोटो किए अपलोड अशोकनगर (ईएमएस)। जिले में मनरेगा योजना पंचायत के जिम्मेदारों की कमाई का सबसे बड़ा साधन बन गया है इसके लिए फर्जी मस्टर रोल भरना, फर्जी अटेंडेंस लगाना, मशीनों से काम करके मजदूरों से काम होना दर्शाया जाता है। जनपद पंचायत मुंगावली के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत छैवलाई में भी मजदूरों से काम नहीं कराया जा रहा है। यही नहीं जिन महिला मजदूरों की अटेंडेंस लगाई गई है उनकी जगह पुरुषों के फोटो अपलोड कर दिए गए हैं जबकि नाम महिला मजदूरों के ही लिखे हैं ग्राम पंचायत में तीन खेत तालाब निर्माण कार्य के अलावा सात अन्य कार्य भी चल रहे हैं इन निर्माण कार्यों पर शनिवार को कुल 143 मजदूरों को काम करना दर्शाते हुए अटेंडेंस लगाई है और पोर्टल पर फोटो अपलोड किए गए हैं। फोटो अपलोड करने में काफी अनियमितताएं हैं। मौके पर मजदूरों द्वारा काम नहीं किया जा रहा है एवं वर्तमान में साइट पर सन्नाटा पसरा हुआ है दूसरी ओर पोर्टल पर काम होना दर्शाकर मजदूरों के फोटो अपलोड किए जा रहे हैं। इनमें से एक खेत तालाब मानव/प्रदीप के खेत में बन रहा है इसमें मजदूरों के फोटो इस तरह से अपलोड किए गए हैं कि फोटो में सफेद बैकग्राउंड के अलावा और कुछ नजर नहीं आ रहा है। इसी तरह नरेन्द्र/महाराज सिंह के खेत में भी खेत-तालाब का निर्माण होना पोर्टल पर दिखाया गया है इसमें महिला मजदूर कमलेश बाई की जगह किसी पुरुष का फोटो अपलोड किया गया है जिससे फर्जीवाड़े की पोल खुल गई है इसी तरह धर्मवीर/रामचरण के खेत में खेत-तालाब निर्माण में हल्कीबाई और प्रीतिबाई को मजदूरी करना दिखाया गया है जबकि पोर्टल पर जो फोटो अपलोड किए गए हैं उनमें नाम तो हल्की बाई और प्रीति बाई के ही हैं लेकिन फोटो में पुरुष नजर आ रहे हैं। एक-दूसरे पर टाली जिम्मेदारी: इस संबंध में जब ग्राम पंचायत छैवलाई के जीआरएस वीरभान सिंह पाल को कॉल किया तो उन्होंने पहले कॉल रिसीव नहीं किया। इसके बाद सचिव गजराम सिंह लोधी को कॉल किया तो उन्होंने बताया कि मेरा स्वास्थ्य ठीक नहीं है आप जीआरएस से बात कर लें। जब उन्हें बताया कि जीआरएस कॉल रिसीव नहीं कर रहे हैं तो इसके कुछ देर बाद जीआरएस वीरभान पाल का कॉल आया, जिसमें उन्होंने बताया कि फोटो अपलोड करने का काम मेट का रहता है आप सरपंच साहब से बात कर लें मैंने आपका नंबर दे दिया है। अधिकारी-कर्मचारी नहीं जाते फील्ड पर: ग्राम पंचायतों में मनरेगा में हो रहे फर्जीवाड़े की सबसे बड़ी वजह यह है कि जनपद और जिला पंचायत के जिम्मेदार अधिकारी कार्यों का निरीक्षण करने साइट पर नहीं पहुंचते हैं। यही हाल जीआरएस और सचिवों का भी रहता है। मेट सरपंच से पूछकर अटेंडेंस और मस्टर रोल भरते रहते हैं इसलिए कहां और क्या काम हो रहा है इसकी जानकारी तक जीआरएस और सचिवों को नहीं रहती है। अधिकारियों की मिलीभगत के चलते ही मनरेगा में फर्जीवाड़ा जारी है। ईएमएस/ ओमप्रकाश रघुवंशी/ 17 मई 2026