राष्ट्रीय
18-May-2026


पांच लाख रुपए दी थी रिश्वत, इस मामले में कई लोगों की हो चुकी है गिरफ्तारी मुंबई,(ईएमएस)। नीट-यूजी परीक्षा पेपर लीक मामले की जांच कर रही सीबीआई ने महाराष्ट्र के नांदेड़ के विद्युत नगर इलाके में रहने वाले भौराव कदम के घर पर सघन छापेमारी की। जांचकर्ताओं का गंभीर आरोप है कि भौराव कदम ने परीक्षा से पहले अपनी बेटी के लिए लीक हुआ प्रश्न पत्र हासिल करने के लिए पांच लाख रुपए की रिश्वत दी थी। नीट-यूजी 2026 परीक्षा पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दी गई थी। सरकार ने बाद में घोषणा की कि दोबारा परीक्षा 21 जून को होगी। जांच एजेंसियों ने इस मामले में शामिल कई लोगों को गिरफ्तार किया है और आगे की जांच जारी है। रिपोर्ट के मुताबिक यह तलाशी अभियान जो करीब आठ घंटे तक चल। अधिकारियों ने भौराव कदम के घर पर मौजूद दस्तावेज़ों और अन्य चीजों की जांच की और छापे के दौरान परिवार के कई सदस्यों से पूछताछ भी की। सूत्रों ने बताया कि जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे थे कि पेपर कब हासिल किया, इसे किसने दिया और पैसे का लेन-देन कैसे तय हुआ। कदम से भी उनके घर पर कई घंटों तक पूछताछ की गई। जांचकर्ताओं ने पूरे फ्लैट की तलाशी ली और उन रिकॉर्ड्स की जांच की, जिनके बारे में माना जा रहा है कि वे कथित पेमेंट से जुड़े हैं। इसके बाद सीबीआई ने कदम और उनके परिवार के सदस्यों को आगे की पूछताछ के लिए पुणे में एजेंसी के सामने पेश होने का निर्देश दिया। नांदेड़ में यह रेड एजेंसी द्वारा लातूर में एक कोचिंग संस्थान के प्रमोटर से पूछताछ करने के एक दिन बाद हुई। जांच में अब इस लीक से जुड़े महाराष्ट्र-आधारित एक नेटवर्क की ओर इशारा मिल रहा है। एजेंसी पुणे, लातूर और नांदेड़ को जोड़ने वाली एक कड़ी का पता लगा रही है और साथ ही यह भी जांच कर रही है कि क्या उम्मीदवारों और अभिभावकों ने पेपर पहले से हासिल करने के लिए पैसे दिए थे। नांदेड़ में हुई छापेमारी के बाद, जांच का दायरा महाराष्ट्र में और भी बढ़ गया है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि जैसे-जैसे एजेंसी पैसों के लेन-देन की कड़ियों को जोड़ते हुए इस लीक के पीछे के पूरे नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश करेगी, वैसे-वैसे और भी कई लोग जांच के घेरे में आ सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक एनटीए ने कहा था कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों से मिली जानकारी से पता चलता है कि परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता से समझौता किया गया था। इस परीक्षा में करीब 22 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे, जिससे यह देश की सबसे बड़ी परीक्षाओं में से एक बन गई थी। अब यह टेस्ट 21 जून को फिर से होगा। सिराज/ईएमएस 18मई26