तेहरान,(ईएमएस)। ईरान ने अमेरिका को धमकी देकर कहा है कि अगर अमेरिकी नेवी ने घेराबंदी खत्म नहीं की, तब ओमान सागर को उसका कब्रिस्तान बना दिया जाएगा। तेहरान की एक्सपीडिएंसी काउंसिल के सदस्य और आईआरजीसी के पूर्व कमांडर मोहसेन रेजाई ने अमेरिका को जल्द से जल्द ईरानी बंदरगाहों से नाकेबंदी हटाने को कहा है। उन्होंने कहा कि ईरानी सेना आगे के युद्ध के लिए तैयार है। रेजाई ने अमेरिका को सीधी चेतावनी देकर कहा, हम अमेरिकी सेना को सलाह देते हैं कि वह इस घेराबंदी को खत्म कर दे, इससे पहले कि ओमान सागर आपकी कब्रगाह बन जाए। पूर्व आईआरजीसी कमांडर ने ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी घेराबंदी को युद्ध का कृत्य बताकर कहा कि इसका सामना करना तेहरान का अधिकार है। रेजाई ने कहा कि अमेरिका ईरान की नौसैनिक घेराबंदी को जितना लंबा खींचेगा, दुनिया भर के देशों को उतना ही ज्यादा नुकसान होगा। हालांकि, उन्होंने कहा कि रेजाई ने कहा कि इस गतिरोध को खत्म करने के लिए राजनयिक प्रयास जारी हैं। उन्होंने जोर दिया कि वॉशिंगटन पर जिम्मेदारी है कि वह इस प्रयास को लेकर सच्ची मंशा साबित करे। रेजाई की चेतावनी तब आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को खुली चेतावनी देकर कहा है कि उसके पास समय बहुत कम है। ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान ने अमेरिकी शांति प्रस्ताव पर तेजी से काम नहीं किया, तब वहां कुछ नहीं बचेगा। इसके पहले अमेरिका ने ईरान को बातचीत की मेज पर आने के लिए 5 शर्तें भेजी हैं। इसमें ईरान से संवर्धित यूरेनियम सौंपने, केवल एक परमाणु केंद्र को चालू रखने, हर्जाने की मांग छोड़ने और सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म करने को कहा गया है। इसके साथ ही ईरान की जब्त की गई संपत्तियां ब्लॉक रहेंगी। बदले में ईरान ने भी 5 शर्तें रख दी हैं, जिसमें लेबनान सहित पूरे क्षेत्र में सैन्य अभियान की समाप्ति, ईरान पर लगे प्रतिबंध हटाने, ईरानी जब्त संपत्तियों को जारी करने की मांग की गई। इसके साथ ही युद्ध में नुकसान का मुआवजा और होर्मुज पर ईरान की संप्रभुता की मान्यता की मांग की। आशीष दुबे / 18 मई 2026