राष्ट्रीय
18-May-2026
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तिरुवंतनमपुरम (ईएमएस)।केरल के राजनीतिक परिदृश्य में एक नए अध्याय की शुरुआत हुई है, जहां कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वी.डी. सतीशन ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। उनके साथ 20 अन्य मंत्रियों ने भी केरल मंत्रिमंडल में शपथ ग्रहण की। 90 के दशक से सक्रिय सतीशन के नाम पर कांग्रेस आलाकमान ने लंबी चर्चा के बाद भरोसा जताया। वे पिछली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष थे और राज्य में कांग्रेस की निर्णायक जीत के पीछे उनकी अहम भूमिका रही। चुनाव से ठीक पहले उन्होंने वादा किया था कि यदि संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) निर्णायक जीत हासिल नहीं करेगा, तो वह राजनीतिक वनवास ले लूंगा। एर्नाकुलम जिले के नेट्टूर निवासी सतीशन का राजनीतिक जीवन एसएच कॉलेज, थेवरा में छात्र राजनीति से शुरू हुआ। उन्होंने महात्मा गांधी विश्वविद्यालय में छात्र नेतृत्व की भूमिकाएं निभाईं और भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन में पदाधिकारी बनकर कांग्रेस संगठन में अपनी पहचान मजबूत की। उच्च न्यायालय में वकालत करने वाले सतीशन ने परवूर विधानसभा क्षेत्र से अपने शुरुआती चुनावी हार के बाद, अगले प्रयास में शानदार जीत दर्ज की और फिर लगातार सीट को बरकरार रखकर दो दशकों से अधिक समय तक विधानसभा में अपनी मजबूत उपस्थिति बनाए रखी। पार्टी के भीतर उन्होंने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के सचिव और केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण संगठनात्मक पद संभाले हैं। पूर्व मुख्यमंत्री के करुणाकरण के समर्थक रहे सतीशन ने परवूर से 2006, 2011, 2016 और 2021 में लगातार जीत दर्ज कर विधानसभा की राजनीति में 25 वर्षों से अधिक का सफर तय किया। वर्ष 2021 के चुनाव में उन्होंने 21,301 मतों के अंतर से जीत हासिल की थी। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की रिपोर्ट के अनुसार, नए मुख्यमंत्री सतीशन की कुल संपत्ति 6 करोड़ 65 लाख 64 हजार 170 रुपये है। हाल ही में हुए केरल विधानसभा चुनावों में, कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने 102 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) को 35 और भाजपा को 3 सीटें मिलीं। आशीष दुबे / 18 मई 2026