राष्ट्रीय
18-May-2026
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नीट पेपर लीक मामले में सीकर में गड़बड़ी, शिवसेना सांसद ने उठाए सवाल नई दिल्ली,(ईएमएस)। नीट पेपर लीक मामले में राजस्थान का सीकर शहर अब संदिग्ध घेरे में नजर आ रहा है। वहीं इस मामले में सियासत के साथ सोशल मीडिया पर भी लोग सवाल उठा रहे हैं। एक यूजर की पोस्ट को शेयर करते हुए शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने पासिंग पर्सेंटेज को लेकर शक जाहिर किया है। उन्होंने कहा कि सीकर राष्ट्रीय औसत से कम मेडिकल सीटों के लिए नीट के जरिए पात्रता हासिल करने के लिए क्या कर रहा है, या कोचिंग संस्थान क्या छिपा रहे हैं? इससे भी अहम बात यह है कि शिक्षा मंत्रालय इस विसंगति से पूरी तरह अनभिज्ञ कैसे है? क्या यह जानबूझकर किया गया है या अनजाने में? मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक दरअसल, महेश्वर पेरी नाम के यूजर ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा कि क्या सीकर में कुछ गड़बड़ है? हमने 2024 के आंकड़ों का विश्लेषण किया, जब सीकर में पेपर लीक की विश्वसनीय रिपोर्ट सामने आईं। 2024 में, सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के लिए करीब 650 अंक जरुरत थे। सीकर में, 650 से ज्यादा अंक हासिल करने वाले छात्रों का प्रतिशत 7.48फीसदी था, जबकि राष्ट्रीय औसत 1.29फीसदी था। यह 580फीसदी ज्यादा है। वास्तव में, सीकर ने भारत में कुल मेडिकल सीटों का 7फीसदी हिस्सा हासिल किया। रिपोर्ट के मुताबिक यूजर ने लिखा- कोचिंग का सफलता दर पर प्रभाव पड़ रहा है, हमने सीकर की तुलना एक अन्य कोचिंग केंद्र कोटा से की और पाया कि सीकर के परिणाम दोगुने बेहतर हैं। करीब 27,000 छात्रों की समान संख्या के बावजूद, सीकर ने 650 से ज्यादा अंक प्राप्त करने वालों की संख्या करीब दोगुनी 2037 बनाम 1066 और प्रतिशत लगभग दोगुना 7.48 बनाम 3.93 फीसदी दिया। एक यूजर ने लिखा कि सीकर के कुछ केंद्र अन्य केंद्रों के समान ही अच्छे थे। उदाहरण के लिए, भारतीय पब्लिक स्कूल में 962 छात्र परीक्षा में शामिल हुए और केवल 27 ने 650 से अधिक अंक प्राप्त किए मात्र 2.81फीसदी। इसी प्रकार, बीएस मेमोरियल पीजी कॉलेज की सफलता दर 3.12फीसदी थी। हमारे पास आंकड़े हैं। सीकर का प्रदर्शन उत्कृष्ट है और यह एक अपवाद है। सीकार के कुछ केंद्र इस परिणाम को प्रभावित कर रहे हैं। सही तरीका यह है कि असामान्य परिणामों की जांच-पड़ताल की जाए और सच्चाई सामने लाई जाए। बता दें पेपर लीक और धांधली के कारण रद्द हुई नीट यूजी की दोबारा परीक्षा अब कई अन्य सेंटरों पर 21 जून 2026 को आयोजित की जाएगी, जो उम्मीदवार पहले परीक्षा में शामिल हुए थे, वे सभी इस पुनर्परीक्षा के लिए ऑटोमेटिक पात्र हैं। परीक्षा के समय में छात्रों की सुविधा के लिए 15 मिनट समय अतिरिक्त बढ़ाए गए हैं। सिराज/ईएमएस 18मई26