पार्टी के गठन में सीजेआई का अहम रोल नई दिल्ली (ईएमएस)। देश के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की एक टिप्पणी पर मचे बवाल के बाद देश में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का गठन हुआ है। इस व्यंग्यात्मक पार्टी को अब तृणमूल कांग्रेस के सांसदों महुआ मोइत्रा और कीर्ति आजाद का भी समर्थन मिल रहा है, जिन्होंने सोशल मीडिया पर इसकी सदस्यता लेने की घोषणा की है। यह पार्टी असल में कोई चुनावी संगठन नहीं है, बल्कि युवाओं द्वारा सीजेआई की टिप्पणी के विरोध में बनाया गया एक पैरोडी सोशल मीडिया अकाउंट है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लांच होते ही यह तेजी से लोकप्रिय हो गई। 24 घंटे के भीतर इसके 15,000 से अधिक फॉलोअर्स हो गए, और अब तक 40,000 से ज्यादा लोग इसके सदस्य बन चुके हैं। पार्टी ने अपनी बायो में खुद को बेरोजगारों की आवाज बताया है। वहीं तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने पोस्ट किया, मैं एंटी-नेशनल पार्टी की सदस्य होने के अलावा सीजेपी में भी शामिल होना चाहूंगी। पूर्व क्रिकेटर और सांसद कीर्ति आजाद ने भी इसी तरह का पोस्ट कर पार्टी की सदस्यता ली। सीजेपी ने दोनों नेताओं का स्वागत किया है। दरअसल, सीजेआई सूर्यकांत ने बीते शुक्रवार को याचिका पर सुनवाई कर बेरोजगार युवाओं की तुलना कॉकरोच से की थी। उन्होंने कहा था कि बेरोजगार युवा आगे चलकर मीडिया, सोशल मीडिया या आरटीआई कार्यकर्ता बन जाते हैं और फिर व्यवस्था पर हमला करना शुरू कर देते हैं। जस्टिस सूर्यकांत ने वरिष्ठ अधिवक्ता का दर्जा चाह रहे एक वकील को फटकार लगाकर यह टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि समाज में परजीवी पहले से ही व्यवस्था पर हमला करते हैं, और कुछ युवा कॉकरोच की तरह होते हैं जिन्हें न कोई रोजगार मिलता है और न ही किसी पेशे में उनका कोई स्थान होता है। इस बयान पर देशभर में तीखी प्रतिक्रिया हुई थी, जिसके बाद सीजेआई सूर्यकांत ने स्पष्टीकरण जारी किया। उन्होंने कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया और मीडिया में आई खबरों से उन्हें दुख हुआ है। सीजेआई ने स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणी उन लोगों के लिए थी जो नकली और फर्जी डिग्रियों के माध्यम से कानूनी पेशे में प्रवेश कर रहे हैं, न कि सामान्य युवाओं के लिए। आशीष दुबे / 18 मई 2026