राष्ट्रीय
18-May-2026
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इस यात्रा का उद्देश्य इंडो-पैसिफिक में भारत की स्थित को मजबूत करना नई दिल्ली,(ईएमएस)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह विदेश दौरे पर रवाना हुए। रक्षामंत्री वियतनाम और दक्षिण कोरिया जाएंगे। रक्षा मंत्री की इस यात्रा का उद्देश्य इंडो-पैसिफिक में भारत की स्थित को मजबूत करना है, लेकिन उनकी इस यात्रा से बरसों से पाइपलाइन में पड़ी भारत और वियतनाम की ब्रह्मोस डील फाइनल होने की उम्मीद फिर जाग गई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक रक्षा मंत्री ने भारत से रवाना होते समय एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा- आज, 18 मई को, मैं हनोई पहुंचूंगा। इस सप्ताह वियतनाम और दक्षिण कोरिया का दौरा करने के लिए मैं उत्सुक हूं, ताकि हम अपने आपसी जुड़ाव के दायरे को और ज्यादा विस्तृत कर सकें। मेरा मुख्य जोर रणनीतिक सैन्य सहयोग को और गहरा करने, रक्षा क्षेत्र में औद्योगिक साझेदारियों को मजबूत बनाने और समुद्री सहयोग को बढ़ावा देने पर रहेगा, जिससे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित हो सके। राजनाथ के वियतनाम दौरे में दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग सबसे बड़ा एजेंडा रहने वाला है। सबका फोकस इस बात पर है कि ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल डील को लेकर दोनों देशों के बीच क्या बातचीत होती है। बता दें डील अंतिम चरणों में है। इसके साथ ही भारत और वियतनाम के बीच समुद्री सुरक्षा, संयुक्त सैन्य अभ्यास, प्रशिक्षण, लॉजिस्टिक सहयोग और रक्षा उपकरणों के मेंटेनेंस को लेकर भी बातचीत हो सकती है। डील फाइनल होने पर वियतनाम ब्रह्मोस खरीदने वाला तीसरा देश बन जाएगा। इससे पहले फिलीपींस और इंडोनेशिया ब्रह्मोस की खरीद कर चुके हैं। इस सौदे की अनुमानित कीमत करीब 5 हजार 800 करोड़ रुपए हो सकती है। वियतनाम के सुखोई-30 विमानों के मेंटेनेंस के लिए मदद करने पर भी विचार। भारत पनडुब्बियों की रिपेयरिंग का प्रस्ताव भी वियतनाम को दे सकता है। बता दें दोनों देश पहले ही के-9 वज्र तोप प्रणाली को लेकर मदद के साथ आगे बढ़ रहे हैं। राजनाथ के इस दौरे में अगली पीढ़ी की डिफेंस तकनीकों के अलावा एयर डिफेंस सिस्टम और रक्षा स्टार्टअप बढ़ाने पर चर्चा हो सकती है। इसके अलावा राजनाथ सिंह दक्षिण कोरिया के दौरे पर भी जा रहे हैं। दोनों देशों के बीच ‘कोरिया-इंडिया डिफेंस एक्सेलेरेटर’ को आगे बढ़ाने पर बात हो सकती है। सिराज/ईएमएस 18मई26