क्षेत्रीय
18-May-2026
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- समय-सीमा पत्रों के निराकरण की टीएल बैठक अब होगी वर्चुअल, पहली बार ऑनलाइन जुड़े अधिकारी - राजस्व कार्यों में लापरवाही पर अधिकारियों पर लगी पेनल्टी, राशि मिलेगी प्रभावित आवेदकों को इंदौर (ईएमएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा वर्तमान परिस्थितियों के मद्देनजर दिए गए निर्देशों के पालन में इंदौर जिला प्रशासन ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली में एक अभिनव पहल की है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने प्रति सोमवार आयोजित होने वाली समय-सीमा पत्रों के निराकरण संबंधी (टीएल) बैठक को अब पूरी तरह वर्चुअल माध्यम से आयोजित करने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में सोमवार को पहली बार यह महत्वपूर्ण बैठक ऑनलाइन माध्यम से आयोजित की गई। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों को अधिक सुगम, समयबद्ध एवं प्रभावी बनाना है, साथ ही अनावश्यक आवागमन को कम कर समय और संसाधनों की बचत सुनिश्चित करना भी है। कलेक्टर कार्यालय परिसर में स्थित विभागों के अधिकारियों को छोड़कर अन्य सभी विभागों के जिला अधिकारी इस पहली ऑनलाइन बैठक में वर्चुअली रूप से शामिल हुए। बैठक में इंदौर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी परीक्षित झाडे़, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सिद्धार्थ जैन सहित अपर कलेक्टर नवजीवन विजय पवार, रोशन राय और रिंकेश वैश्य भी ऑनलाइन जुड़े रहे। इस दौरान यह स्पष्ट किया गया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देशानुसार प्रशासन लगातार यह प्रयास कर रहा है कि अधिकारियों और आमजन की अनावश्यक आवाजाही कम हो, लेकिन प्रशासनिक कार्यों की गति पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। आगामी समय में भी केवल अति आवश्यक विषयों पर ही अधिकारियों को भौतिक रूप से मुख्यालय बुलाया जाएगा। :: लापरवाही पर नपे अधिकारी, आवेदकों को मिलेगी पेनल्टी :: बैठक में जल गंगा संवर्धन अभियान, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, मिलावटखोरी विरोधी अभियान और फायर सेफ्टी जैसे महत्वपूर्ण विषयों की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान राजस्व प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर शिवम वर्मा ने नामांतरण, बंटवारा एवं सीमांकन जैसे मामलों के समय-सीमा में निराकरण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि कार्य में विलंब होने पर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसी कड़ी में कुछ सीमांकन प्रकरणों में देरी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों पर पेनल्टी लगाई गई है, जिसकी राशि प्रभावित आवेदकों को प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त सीएम हेल्पलाइन के तहत लंबित पांच प्रकरणों की रैंडम समीक्षा की गई तथा हिट एंड रन मामलों में लंबित रिपोर्टों को एक सप्ताह के भीतर निराकृत करने के कड़े निर्देश दिए गए। प्रकाश/18 मई 2026