टीएमसी सांसद ने कहा- पार्टी मतदान में नुकसान और अंतर का कर रही विश्लेषण कोलकाता,(ईएमएस)। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस सांसद डोला सेन ने कहा है कि पार्टी एसआईआर के दौरान हुए मतदान के नुकसान और अंतर का विश्लेषण करके मत चोरी की तथ्य-जांच कर रही है। साथ ही वे यह भी सवाल उठा रही हैं कि ईवीएम में 90 फीसदी से ज्चादा चार्ज कैसे रह गया और वोटों की दोबारा गिनती की अनुमति क्यों नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि पार्टी इस मामले को लेकर पहले ही सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर चुकी है और आंतरिक समीक्षा के निष्कर्ष पार्टी नेतृत्व को सौंपेगी। पत्रकारों से बात करते हुए सेन ने कहा कि हम दो मोर्चों पर तथ्य-जांच कर रहे हैं। पहला- मत चोरी की जांच करना, जिसके तहत हम यह पता लगा रहे हैं कि हमें कितने वोटों से नुकसान हुआ और एसआईआर के जरिए कितने वोटों का अंतर रद्द किया गया और दूसरा- यह समझना कि ईवीएम में 90फीसदी से ज्यादा चार्ज क्यों रह गया और वोटों की दोबारा गिनती की अनुमति क्यों नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि हमने इन सभी मामलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में केस दायर किया है और हम इस जांच से मिली सभी जानकारियां पार्टी नेतृत्व को देंगे। गुरुवार को पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी विधानसभा चुनावों के नतीजों के बाद राज्य में हुई हिंसा से संबंधित एक जनहित याचिका के सिलसिले में मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पाल के सामने पेश हुईं। यह याचिका तृणमूल कांग्रेस नेता और वकील कल्याण बनर्जी के बेटे, वकील सिरसन्या बनर्जी ने दायर की थी। याचिकाकर्ता ने कई इलाकों में चुनाव के बाद हुई हिंसा की घटनाओं का आरोप लगाया है, जिनमें पार्टी कार्यालयों पर हमले और कार्यकर्ताओं का विस्थापन शामिल है। उन्होंने लोगों की तत्काल सुरक्षा की अपील करते हुए आरोप लगाया कि पुलिस के सामने ही गुंडागर्दी और आगजनी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया, अल्पसंख्यकों को नहीं बख्शा जा रहा, महिलाओं और बच्चों को नहीं बख्शा जा रहा। हमारे 10 कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई है। चुनाव परिणामों के बाद बीजेपी द्वारा टीएमसी को 80 सीटों तक सीमित कर दिए जाने के बाद टीएमसी का 15 साल का शासन समाप्त हो गया। सिराज/ईएमएस 19मई26