मुंबई, (ईएमएस)। खाड़ी देशों में जारी युद्ध जैसे हालात का असर अब भारत की बंदरगाह व्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है। नवी मुंबई से सटे उरण स्थित जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (जेएनपीए) बंदरगाह परिसर में बड़ी संख्या में कंटेनर फंसे हुए हैं, जिससे आयात-निर्यात प्रक्रिया प्रभावित हो रही है और व्यापार जगत में चिंता का माहौल बन गया है। मिली जानकारी के अनुसार, जेएनपीए बंदरगाह में हजारों कंटेनर विभिन्न स्थानों पर खड़े दिखाई दे रहे हैं। ट्रांसपोर्ट व्यवस्था धीमी पड़ने के कारण कंटेनरों की समय पर आवाजाही नहीं हो पा रही है। इन कंटेनरों में बड़ी मात्रा में नाशवंत खाद्य पदार्थ, फल, रसायन और औद्योगिक सामग्री मौजूद है, जिससे व्यापारियों को करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका सताने लगी है। इसी बीच पांच राज्यों में चुनावी माहौल के चलते कई ट्रक चालक अपने गांव लौट गए हैं, जिससे ड्राइवरों की भारी कमी पैदा हो गई है। इसका सीधा असर कंटेनर परिवहन पर पड़ा है और बंदरगाह परिसर में कंटेनरों की लंबी कतारें लग गई हैं। कई ट्रांसपोर्ट कंपनियों ने भी ड्राइवरों की अनुपलब्धता के कारण अपनी सेवाएं सीमित कर दी हैं। व्यापारियों और निर्यातकों ने केंद्र सरकार और बंदरगाह प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि कंटेनर क्लियरेंस प्रक्रिया तेज करने और अतिरिक्त परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराने की जरूरत है, अन्यथा आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। हालांकि बंदरगाह प्रशासन का कहना है कि स्थिति को नियंत्रण में लाने के प्रयास जारी हैं, लेकिन लगातार बढ़ती कंटेनरों की संख्या और धीमी परिवहन व्यवस्था के कारण व्यापारियों की चिंता कम होने का नाम नहीं ले रही है। संजय/संतोष झा- १९ मई/२०२६/ईएमएस