राज्य
19-May-2026
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- प्रतियोगिता के दौरान मौजूद महिला शक्ति। शाजापुर (ईएमएस)। खेल मैदान सिर्फ पसीना बहाने के लिए नहीं, बल्कि अपनी क्षमताओं को पहचानने और उत्सव मनाने का जरिया भी होते हैं। कुछ ऐसा ही नजारा जिला मुख्यालय के स्टेडियम परिसर में देखने को मिला, जहां ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर आरोह 2026 के तहत बेटियों और महिलाओं ने अपने भीतर के खिलाड़ी को खुलकर सामने लाया। कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में चल रहे इस शिविर में खेल विभाग ने महिला सम्मान को केंद्र में रखकर कुछ ऐसी स्पर्धाएं आयोजित कीं, जिन्होंने बचपन की यादें ताजा कर दीं। तालियों की गड़गड़ाहट और जीत की हुंकार आमतौर पर गंभीर खेलों की ट्रेनिंग ले रही बालिकाओं के लिए यह दिन थोड़ा अलग और बेहद खुशनुमा था। जब रस्सा-कस्सी का मुकाबला शुरू हुआ, तो दोनों तरफ से जोर आजमाइश देखने लायक थी। पैरों की मजबूत पकड़ और हाथों की ताकत के साथ बेटियों ने एक-दूसरे को खींचने के लिए पूरा जोर लगा दिया। वहीं, एकाग्रता और संतुलन की परीक्षा लेती नींबू रेस व फुर्ती की गवाह बनी चेयर रेस में भी कड़ा मुकाबला हुआ। मैदान पर मौजूद हर शख्स तालियां बजाकर खिलाडि़यों का हौसला बढ़ा रहा था। मेडल पाकर खिले चेहरे प्रतियोगिता का रोमांच तब और बढ़ गया जब पुरस्कारों की घोषणा हुई। तीनों ही विधाओं में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान हासिल करने वाली खिलाडि़यों को खेल विभाग की ओर से चमचमाती ट्रॉफी और मेडल सौंपे गए। जीत की खुशी खिलाडि़यों के चेहरों पर साफ नजर आ रही थी। इस पूरे आयोजन और खिलाडि़यों का उत्साह बढ़ाने के लिए जिला खेल और युवा कल्याण अधिकारी रविन्द्र हार्डिया, जितेन्द्र शर्मा, लोकेश नायक, गौरव वर्मा, चंद्रीका मितौला और मुजाहिद बैग मुख्य रूप से मैदान पर डटे रहे। खेल अधिकारियों का कहना था कि इस तरह के आयोजनों से न केवल महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ता है, बल्कि खेल के प्रति उनकी रुचि भी दोगुनी हो जाती है। ईएमएस/ राजेश कलजोरिया/ 19 मई 2026