पटना, (ईएमएस)। बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड (बुडको) ने आगामी मानसून में पटना को जलजमाव से बचाने के लिए व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। बुडको के प्रबंध निदेशक अनिमेष कुमार परासर ने सभी स्थायी और अस्थायी ड्रेनेज पंपिंग स्टेशनों (डीपीएस) की मरम्मत और रखरखाव युद्धस्तर पर करने के सख्त निर्देश दिए हैं, ताकि शहर में पानी की निकासी सुचारु रूप से हो सके। अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ समीक्षा बैठक में एमडी ने कहा कि हर जोन और मुख्यालय स्तर पर जवाबदेही तय कर दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि डीपीएस के सही संचालन के लिए संबंधित अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार बनाया गया है और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को एजेंसियों पर पूरी तरह निर्भर न रहने और पंपों के रखरखाव की नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया। सभी सम्प वेल और ग्रेटिंग की सफाई 30 मई तक पूरी करने तथा बाद में मुख्यालय स्तर से उसकी जांच कराने को कहा गया है। पूरे ड्रेनेज सिस्टम की तैयारियों को परखने के लिए 1 जून की रात 11 बजे से 2 बजे तक विशेष मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। इस दौरान सम्प हाउस में तैनात कर्मचारियों की रियल टाइम मॉनिटरिंग होगी। इनलेट, आउटलेट, ग्रेटिंग, मैनहोल और कनेक्टिंग ड्रेनों की जांच की जाएगी तथा सभी पंपों को एक साथ चलाकर उनकी क्षमता का परीक्षण किया जाएगा। पटना में कुल 56 स्थायी और 35 अस्थायी डीपीएस मौजूद हैं। जल निकासी के लिए 364 पंप तैनात किए जाएंगे, जिनमें 265 इलेक्ट्रिक और 99 डीजल पंप शामिल हैं। स्थायी डीपीएस में 256 और अस्थायी डीपीएस में 83 पंप लगाए गए हैं। इसके अलावा मानसून के दौरान अतिरिक्त सहायता के लिए आठ नए डीपीएस भी तैयार किए गए हैं। एमडी ने सभी जोनों को निर्देश दिया है कि सभी पंप पूरी तरह कार्यशील स्थिति में रहें, ऑपरेटरों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और पाइप समेत जरूरी सामग्रियों का पर्याप्त भंडार बनाए रखा जाए। संतोष झा- १९ मई/२०२६/ईएमएस