राज्य
19-May-2026
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- नरसिम्हा अवतार का मंचन हुआ। शाजापुर (ईएमएस)। जब-जब धरती पर धर्म की हानि होती है तब-तब भगवान नारायण धरती पर अवतार लेते हैं। हरिण्यकशिपु का अंत करने के लिए वराह अवतार, हिरण्यकश्यप का वध करने के लिए नृसिंह अवतार, रावण की मुक्ति के लिए मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का अवतार और कंस-जरासंध सहित अन्य असुरों का वध करने के लिए भगवान श्रीकृष्ण का अवतार लेकर धरती पर जन्म लिया। उक्त आशीर्वचन महंत 1008 अनुजदास महाराज ने मंगलवार को सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव के चतुर्थ दिवस भगवान श्री कृष्ण जन्मोत्सव पर उपस्थित भक्तों को प्रदान किए। उल्लेखनीय है कि श्री नित्येश्वर महादेव भागवत कथा समिति एवं सूर्या ग्रुप द्वारा निरंतर 15 वर्षों से कथा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष भी पुरुषोत्तम मास के अंतर्गत क्षेत्रवासियों के जनसहयोग से आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान प्रतिदिन भगवान के दिव्य अलौकिक प्रसंगों का वर्णन कथा वाचक महंतश्री द्वारा किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत चतुर्थ दिवस धु्रव और प्रहलाद के साथ भगवान नृसिंह के अवतार प्रसंगों का वर्णन किया गया, जिसमें जीवंत झांकी की प्रस्तुति कलाकारों द्वारा दी गई। इसके उपरांत भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव भक्तों द्वारा झूमते-नाचते हुए धूमधाम सहित मनाया गया। इस दौरान नन्हे बालक को भगवान श्री कृष्ण का स्वरूप धारण कर टोकरी में बैठाकर वासुदेव के पात्र बने कलाकार द्वारा परिसर में लाया गया। वैसे ही हजारों भक्तों की उपस्थिति से खचाखच भरे पांडाल में जन्मोत्सव की धूम मच गई। इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में मातृशक्ति एवं नगरवासीगण उपस्थित रहे वर्तमान में शस्त्र और शास्त्र दोनों की शिक्षा आवश्यक कथा वाचक ने कहा कि वर्तमान समय समाज और राष्ट्र के लिए अत्यंत चुनौतियों भरा समय है। सनातन पर भांति-भांति से विधर्मियों द्वारा निरंतर आघात किए जाते जा रहे हैं। आज सबसे बड़ी आवश्यकता हमें अपने परिवार और समाज की सुरक्षा की है। ऐसी स्थिति में हमें शस्त्र और शास्त्र दोनों की शिक्षा बच्चों को अनिवार्य रूप से देना आवश्यक है, ताकि वह अपनी आत्मरक्षा और समाज व राष्ट्र की सुरक्षा में अपनी अहम भूमिका निभा सकें। लव जिहाद और धर्मांतरण जैसे षड़यंत्रों से सतर्क रहना आवश्यक कथा वाचक ने कहा कि इन दिनों अखबारों में आए दिन लव जिहाद और धर्मांतरण जैसी षड्यंत्रकारी घटनाओं के समाचार रोज पढ़ने-सुनने के लिए मिल जाते हैं। सोची-समझी साजिशों के साथ चल रहे इन अभियानों के प्रति हिंदू समाज को अत्यंत सतर्क रहना आवश्यक है। हमारे भोलेपन और सरलता का फायदा उठाने के लिए समाज विरोधी शक्तियां तैयार बैठी हैं। हमें अपनी बेटियों को अपनी संस्कृति-सभ्यता और संस्कारों के प्रति जागरूक करने की अत्यंत आवश्यकता है। साथ ही उनमें यह भाव भी विकसित करना आवश्यक है कि जब भी विपरीत अवस्था हो वे उसका प्रतिकार पूरी शक्ति के साथ करें ताकि इन षड्यंत्रकारी ताकतों को मिटाया जा सके। ईएमएस/ राजेश कलजोरिया/ 19 मई 2026