डायरिया, टाइफाइड, वायरल, चिकन पोक्स आदि के पहुंच रहे मरीज भीषण गर्मी में बीमारी से बचने के लिए क्या करें या क्या ना करें, दी जा रही सलाह हरिद्वार (ईएमएस)। तीर्थनगरी हरिद्वार में भीषण गर्मी के चलते उप जिला मेला अस्पताल में मरीजों की संख्या में इजाफा होता देखा जा रहा है। अस्पताल में पहुंचने वाले अधिकांश मरीज डायरिया, टाइफाइड, वायरल, सास लेने में दिक्कत, चिकन पोक्स आदि के पहुंच रहे है। जिनको फिजिशियन द्वारा जांच के बाद उनका उपचार करते हुए कुछ हिदायत बरतने की सलाह दे रहे है, लेकिन कुछ मरीजों की स्थिति को देखते हुए उनको अस्पताल में भर्ती करते हुए उनको उपचार भी किया जा रहा है। उप जिला मेला अस्पताल हरिद्वार के सीएमएस डॉ. राजेश गुप्ता ने बताया कि बढती गर्मी के चलते अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों की संख्या डायरिया व वायरल आदि की अधिाक है। जिनमें डायरिया के 09 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर उनका उपचार किया जा रहा है। अस्पताल में मरीजों के उपचार की समुचित व्यवस्था और पर्याप्त औषधी मौजूद है। उप जिला मेला अस्पताल में दो वरिष्ठ फिजिशियन तैनात हैं, जिनकी ओपीडी में मरीजों की भारी भीड है। अस्पताल के चिकित्सक मरीजों के उपचार के लिए दिन रात मुस्तैदी से अपनी सेवाए दे रहे है। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. अभिषेक अनेजा ने बताया कि उप जिला मेला अस्पताल में अधिकांश मरीज डायरिया, टाइफाइड, वायरल, सास लेने में दिक्कत, चिकन पोक्स आदि के पहुंच रहे है। जिनका उपचार किया जा रहा है। जिन मरीजों को भर्ती करने की जरूरत हैं उनको अस्पताल में भर्ती कर उनका उपचार किया जा रहा है। भीषण गर्मी के चलते डायरिया, टाइफाइड, वायरल की चपेट में सबसे ज्यादा बुर्जुग व बच्चे प्रभावित होते है, ऐसे में उनको धाूप से बचा कर रखने की अधिाक जरूरत है। उन्होंने भीषण गर्मी में बीमारी से बचने के लिए कुछ सलाह देते हुए बताया कि लोगों को तपती धूप में बाहर नहीं निकला चाहिए, यदि जरूरी है तो छाता लेकर, टोपी लगाकर, पूरे शरीर को कपडे से ढक कर और पूरी आस्तिन के कपडे पहन कर निकला चाहिए। जितना धाूप से बचेगे, तो भीषण गर्मी से होने वाली बीमारी से बचे रहेगें। तपीस भरी गर्मी में लोगों को अधिक से अधिक तरल पदार्थ लेना चाहिए। लोगों को बार-बार पानी पीते रहना चाहिए, बासी खाने से बचना चाहिए, नारियल का पानी, नीबू की शिंकजी, रसीले फल आदि लेते रहना चाहिए। (फोटो-09) शैलेन्द्र नेगी/ईएमएस/19 मई 2026