राष्ट्रीय
20-May-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। लगातार डिजिटल डिवाइसेज का इस्तेमाल त्वचा के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। यह चेतावनी दे रहे है विशेषज्ञ। इसी समस्या को “डिजिटल सनबर्न” नाम दिया गया है। यह शब्द स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट के त्वचा पर पड़ने वाले प्रभाव को दर्शाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक लंबे समय तक स्क्रीन के संपर्क में रहने से त्वचा समय से पहले बूढ़ी दिखने लगती है और कई तरह की स्किन समस्याएं बढ़ सकती हैं। डिजिटल सनबर्न का मुख्य कारण हाई एनर्जी विजिबल लाइट यानी ब्लू लाइट को माना जाता है। यह रोशनी मोबाइल फोन, लैपटॉप, टैबलेट और टीवी स्क्रीन से निकलती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ब्लू लाइट त्वचा की गहराई तक पहुंच सकती है और कोलेजन को प्रभावित कर सकती है। कोलेजन वह महत्वपूर्ण प्रोटीन है जो त्वचा को टाइट, मुलायम और जवान बनाए रखने में मदद करता है। जब इसकी मात्रा कम होने लगती है तो चेहरे पर झुर्रियां, फाइन लाइन्स और ढीलापन दिखाई देने लगता है। विशेषज्ञों के अनुसार लगातार स्क्रीन देखने से केवल एजिंग ही नहीं, बल्कि त्वचा की रंगत पर भी असर पड़ सकता है। कई लोगों में पिगमेंटेशन, हल्के काले धब्बे और स्किन टोन असमान होने जैसी समस्याएं बढ़ने लगती हैं। देर रात तक मोबाइल चलाने या लंबे समय तक लैपटॉप पर काम करने वाले लोगों में यह समस्या ज्यादा देखी जा रही है। इसके अलावा स्क्रीन की रोशनी त्वचा को डिहाइड्रेट भी कर सकती है, जिससे चेहरा थका हुआ और बेजान नजर आने लगता है। डिजिटल सनबर्न का प्रभाव सिर्फ त्वचा तक सीमित नहीं माना जा रहा। लगातार स्क्रीन देखने से आंखों में जलन, सिरदर्द और नींद से जुड़ी परेशानियां भी बढ़ सकती हैं। यही वजह है कि त्वचा विशेषज्ञ और स्वास्थ्य विशेषज्ञ दोनों ही अब डिजिटल डिवाइसेज के इस्तेमाल में सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल डिवाइसेज को पूरी तरह छोड़ना संभव नहीं है, लेकिन कुछ आसान आदतों से इसके प्रभाव को कम किया जा सकता है। जैसे हर 20 से 30 मिनट बाद स्क्रीन से ब्रेक लेना, ब्लू लाइट फिल्टर या डार्क मोड का इस्तेमाल करना और स्क्रीन टाइम सीमित रखना। साथ ही त्वचा को हाइड्रेट रखना, पर्याप्त पानी पीना और सनस्क्रीन का उपयोग करना भी जरूरी माना जा रहा है। विटामिन सी और ई से भरपूर आहार तथा अच्छी नींद भी त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में मदद कर सकती है। बता दें कि आज के दौर में मोबाइल, लैपटॉप और टैबलेट लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं। काम से लेकर मनोरंजन तक ज्यादातर समय लोग स्क्रीन के सामने बिताते हैं। सुदामाईएमएस 20 मई 2026