राष्ट्रीय
20-May-2026
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-बंगाल में अवैध प्रवासियों को बाहर निकालने को लेकर सीएम अधिकारी बोले कोलकाता,(ईएमएस)। पश्चिम बंगाल से कथित अवैध प्रवासियों को बाहर निकालने को लेकर सीएम सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि वोटर लिस्ट से डिटेक्शन और डिलीशन का काम पहले ही हो चुका है और डिपोर्टेशन जल्द ही शुरू होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने जनगणना की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल सरकार ने देरी की थी। शुभेंधु ने कहा कि पहले हमने वोटर लिस्ट में अवैध निवासियों का पता लगाया, फिर हमने उन्हें लिस्ट से हटा दिया और अब उन्हें देश से निकालने का समय आ गया है। हालांकि, उन्होंने इसके लिए कोई समय-सीमा नहीं बताई। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारी ने कहा कि मैं डरने वाला, झुकने वाला आदमी नहीं हूं, डराने का काम करने का कोई जरुरत नहीं है। बीजेपी ने जो कमिटमेंट दिया है, वो पूरा करने का काम बीजेपी का सीएम करेगा। राष्ट्र प्रथम है, देश को सुरक्षित रखने का काम बीजेपी करेगी। सीएम अधिकारी ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि मेरे सीएम बनने से यहां टीएमसी, सीपीएम और कांग्रेस तनाव में हैं और अशांति पैदा कर रहे हैं, लेकिन इन सबसे कहीं ज्यादा तनाव और परेशानी बांग्लादेश के लोगों, विशेषकर वहां के जमात संगठन को हो रही है। उन्होंने विरोधियों को चेतावनी देते हुए कहा कि मुझे डराने की कोशिश करने की जरूरत नहीं, क्योंकि सरकार के लिए देश पहले है और भाजपा इस देश को पूरी तरह ठीक करने का काम करेगी। भ्रष्टाचार के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि उन्होंने म्युनिसिपल सेक्रेटरी और कमिश्नर को चार विशिष्ट नाम दिए हैं, जिन्होंने बंगाल को जमकर लूटा है। उन्होंने इन चारों व्यक्तियों की कुल संपत्ति का विवरण मांगते हुए उनके खिलाफ कानूनी जांच शुरू करने के निर्देश दिए हैं। सीएम अधिकारी ने पार्क सर्कस में पुलिस पर हुए हमले का जिक्र करते हुए कहा कि बिना स्वीकृत बिल्डिंग प्लान के किए गए अवैध निर्माणों जैसी अनियमितताओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर कोई पुलिस पर पत्थर फेंकने की हिम्मत करेगा, तो बीजेपी उसे उचित सबक सिखाएगी। इसके साथ ही उन्होंने राज्य में महिलाओं के खिलाफ हुए अपराधों पर न्याय का भरोसा दिया। अधिकारी ने ऐलान किया है कि आरजी कर अस्पताल से लेकर कामदुनी, पार्क स्ट्रीट, कस्बा लॉ कॉलेज और बोगतुई तक महिलाओं के खिलाफ किए गए अत्याचार के हर एक मामले की कड़ी कानूनी जांच की जाएगी और दोषियों को सजा दिलाई जाएगी। सिराज/ईएमएस 20 मई 2026