अंतर्राष्ट्रीय
20-May-2026
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टोक्यो(ईएमएस)। दक्षिणी जापान का कागोशिमा क्षेत्र आज सुबह-सुबह शक्तिशाली भूकंप के झटकों से कांप उठा। बुधवार सुबह आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.9 मापी गई। झटके इतने तेज थे कि इलाके की इमारतें हिल गईं और सो रहे लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए। भूकंप का असर क्षेत्र के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर महसूस किया गया, जिससे स्थानीय निवासियों में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रशासन और संबंधित अधिकारी फिलहाल प्रभावित क्षेत्रों में हालात का बारीकी से आकलन कर रहे हैं। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार, इस 5.9 तीव्रता के भूकंप का केंद्र मुख्य रूप से ओकिनावा मेन आइलैंड के पास और कागोशिमा प्रांत के अमामी क्षेत्र के आसपास केंद्रित था। वहीं, अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट के मुताबिक, इस भूकंप की गहराई जमीन से करीब 49 किलोमीटर नीचे दर्ज की गई थी। तीव्र झटके महसूस होने के बावजूद राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि प्रशासन द्वारा सुनामी की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है और फिलहाल सुनामी का कोई खतरा नहीं बताया गया है। इसके अलावा, शुरुआती तौर पर किसी भी व्यक्ति के हताहत होने या किसी बड़े ढांचे को भारी नुकसान पहुंचने की कोई खबर सामने नहीं आई है। भौगोलिक रूप से जापान दुनिया के सबसे अधिक भूकंप प्रभावित देशों की सूची में शामिल है। इसका मुख्य कारण यह है कि पूरा देश प्रशांत महासागर के पैसिफिक रिंग ऑफ फायर क्षेत्र में स्थित है, जहां धरती के भीतर की कई प्रमुख टेक्टोनिक प्लेटें आपस में टकराती हैं। इसी भूगर्भीय हलचल की वजह से जापान में अक्सर छोटे और बड़े भूकंप आते रहते हैं। कागोशिमा और उसके आसपास के इलाके को भी बेहद संवेदनशील भूकंपीय गतिविधियों के लिए जाना जाता है, जहां पहले भी कई मध्यम तीव्रता के झटके दर्ज किए गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि हालांकि फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में और सामान्य दिख रही है, लेकिन मुख्य भूकंप के बाद आने वाले छोटे झटकों यानी आफ्टरशॉक्स की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता। इसी को ध्यान में रखते हुए स्थानीय प्रशासन ने बेहद एहतियात बरतते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। साथ ही, जनता से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक व सरकारी एजेंसियों द्वारा जारी सूचनाओं पर ही भरोसा करने को कहा गया है। एहतियात के तौर पर रेलवे और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं की तकनीकी जांच की जा रही है ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। वीरेंद्र/ईएमएस/20मई 2026