मुंबई, (ईएमएस)। मुंबई महानगर की भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए निचले इलाकों में जमा होने वाले बारिश के पानी की तेज और प्रभावी निकासी के लिए महानगरपालिका ने एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए केंद्र सरकार के पास भेजा गया है। इस बात की जानकारी महापौर रितू तावडे एवं भाजपा के मुंबई अध्यक्ष व आमदार अमित साटम ने संयुक्त रूप से दी। मालूम हो कि बीते दो हफ़्तों से महापौर रितू तावडे, विधायक अमित साटम तथा महाराष्ट्र सरकार में मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा बारिश पूर्व तैयारियों का लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। उन्होंने पूर्व और पश्चिम उपनगरों सहित शहर के विभिन्न हिस्सों में नाला सफाई और सड़क विकास कार्यों का जायजा लिया। महापौर रितू तावडे ने बताया कि भारी बारिश और हाई टाइड के दौरान जमा बारिश के पानी को पंपिंग स्टेशनों की मदद से समुद्र में छोड़ा जाता है। लो टाइड के समय फ्लड गेट खोल दिए जाते हैं, जिससे पानी प्राकृतिक रूप से समुद्र में बह जाता है। वहीं हाई टाइड के दौरान समुद्र का पानी नालों में प्रवेश न करे, इसके लिए फ्लड कंट्रोल गेट का उपयोग किया जाता है। उन्होंने बताया कि फिलहाल मुंबई में छह पंपिंग स्टेशन कार्यरत हैं, जिनमें हाजी अली, इर्ला (जुहू), लवग्रोव (वरली), क्लिवलैंड (वरली गांव), ब्रिटानिया (रे रोड) और गज़दरबंध (सांताक्रूज) शामिल हैं। इसके अलावा माहुल (चेंबूर) और मोगरा (वेसावे) में दो नए पंपिंग स्टेशन का काम प्रगति पर है। विधायक अमित साटम ने कहा कि मनपा के सदस्यगण लगातार मॉनसून पूर्व कार्यों की निगरानी कर रहे हैं और प्रशासन को समुद्र में जाने वाले कचरे को रोकने के निर्देश दिए गए हैं। स्वेता/संतोष झा- २० मई/२०२६/ईएमएस