पटना, (ईएमएस)। बिहार के विभिन्न विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के शिक्षकों तथा गैर-शिक्षण कर्मचारियों को मार्च महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। वेतन और पेंशन भुगतान में लगातार हो रही देरी को लेकर बिहार विश्वविद्यालय शिक्षक संघ महासंघ (फुटाब) ने गहरी चिंता जताई है। महासंघ का कहना है कि बिना किसी गलती के विश्वविद्यालय कर्मियों को हर बार परेशानियों का सामना करना पड़ता है। फुटाब के कार्यकारी अध्यक्ष कन्हैया बहादुर सिन्हा और महासचिव सह विधान पार्षद संजय कुमार सिंह कहते हैं कि एक ओर राज्यपाल सह कुलाधिपति ने शिक्षकों को प्रतिदिन कम से कम पांच कक्षाएं लेने का निर्देश दिया है, वहीं दूसरी ओर राज्य सरकार ने सैकड़ों शिक्षकों का स्थानांतरण 200 से अधिक प्रखंडों में नवस्थापित डिग्री कॉलेजों में कर दिया है। बावजूद इसके पिछले दो महीनों से शिक्षकों और कर्मचारियों का वेतन रोक दिया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब शिक्षकों के पास आर्थिक संसाधन ही नहीं होंगे तो वे नए कार्यस्थलों पर जाकर अपनी जिम्मेदारियां कैसे निभाएंगे। फुटाब नेताओं ने कहा कि वेतन भुगतान में देरी से कर्मचारियों और उनके परिवारों को रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। फुटाब नेताओं ने यह भी कहा कि उन्होंने पूर्व में सरकार से मध्यप्रदेश मॉडल की तर्ज पर सेवानिवृत्त विश्वविद्यालय कर्मियों को नियमित पेंशन भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की थी। उनका कहना है कि पेंशनभोगियों को चिकित्सा खर्चों के लिए समय पर राशि मिलना बेहद जरूरी है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई है। इस संबंध में उच्च शिक्षा निदेशक एन. के. अग्रवाल कहते हैं कि वेतन अनुदान से संबंधित फाइल फिलहाल वित्त विभाग में लंबित है। वित्त विभाग ने कुछ बिंदुओं पर आपत्ति जताई है, जिसके कारण 2026-27 के लिए विश्वविद्यालयों को नई अनुदान राशि जारी नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि कई विश्वविद्यालयों द्वारा पूर्व में प्राप्त अनुदान की उपयोगिता प्रमाण पत्र (यूसी) जमा नहीं की गई है। इसके अलावा पटना विश्वविद्यालय समेत तीन-चार विश्वविद्यालयों ने अब तक अपनी वैधानिक संस्थाओं से स्वीकृत वार्षिक बजट सरकार को नहीं भेजा है। हालांकि शिक्षा विभाग ने वित्त विभाग से अनुरोध किया है कि लंबित फाइलों को सशर्त ही सही, जल्द मंजूरी दी जाए ताकि वेतन अनुदान जारी किया जा सके। संतोष झा- २० मई/२०२६/ईएमएस